करीब डेढ. घंटे गर्मी में मंडी में यूंही पडी. रही किसान की लाश.

लटेरी, मध्यप्रदेश ! अपनी चने की फसल तुलाने और बेंचने आये एक किसान मूलचंद पुत्र उमराव सिंह की लटेरी मंडी (विदिशा) मध्यप्रदेश में आकस्मिक मृत्यु हो गई है. 17 मई गुरूवार को तपते मौसम के दिन आरंभ होने के दौरान मृतक कृषक का शव एक घंटे तक प्रशासनिक अमले के इंतजार में मंडी प्रांगण में ही पडा. रहा. 65 बर्षीय किसान उमराव सिंह मैना लटेरी तहसील के अंतर्गत बीजखेडी गांव के निवासी थे.

सिरोंज के इंकानेता सुनील जैन नें भोपाल में कांग्रेस आलाकमान से कृषक उमराव सिंह की मौत की शिकायत कर सरकार की व्यवस्था पर असंतोष जताया.

इस घटना को लेकर कृषक समुदाय में मंडी के अधिकारियों और तहसील प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के लापरवाहीपूर्ण रवैये और संवेदनशीलता को लेकर मौजूदा शिवराज सरकार की एक बार फिर से उनके गृह जिले में काफी किरकिरी हो रही है. सिरोंज में कांग्रेस से जुडे एक नेता सुनील जैन नेंउनके अंचल के किसान मूलचंद पुत्र उमराव सिंह मैना(65) की आसमयिक मृत्यु पर गहरा रोष प्रकट करते हुए मंडी में कृषकों के लिये जरूरी मौलिक सुविधाये बढानें की मांग की है. श्री जैन ने इस मामले में तुरंत राज्य कांग्रेस के नये आलाकमान कमलनाथ को व्यक्तिगत रूप से भेंट कर समूचे मामले में सरकारी रवैये की लापरवाही की गंभीर शिकायत की.

बाद में मौके पर बहुत लोग जमा हो गये.सभी चित्र Raja Singh Bhadoriya की FB wall से साभार

बताया जा रहा है कि मृतक किसान मूलचन्द पिता उमराव 4-5 दिन पहले तुलाई के लिए लटेरी मंडी में चने लेकर आये थे. गुरुवार को कार्य आरंभ करने के पूर्व शौच से लौटकर आये तो अपने ट्रेक्टर के पास ही  गिर गये। घटनास्थल पर मौजूद लोग सहायता कर पाते इससे पूर्व उनके प्रण पखेरू उड. गये. सूचना देने के लगभग एक- डेढ. घंटे बाद विदिशा के पुलिस अधीक्षक मामले की सूचना दी गई. इसी की प्रतिक्रिया में पुलिस पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये रवाना कर दिया.मृत्य के कारणों का पता जांच के बाद ही लगेगा किन्तु मंडी में पहुंचे किसान भीषण गर्मी और सरकारी अव्यवस्था औरके कारण भारी कष्ट उठा रहे हैं. किसानों के लिये विभिन्न सुविधाओं का दावा करने वाली सरकार के लिये इस प्रकार की घटनाओं का होना शर्मनाक है. बताया जा रहा है कि मृतक किसान बाते चार दिनों से चने की तुलाई के लिये मजबूरन मंडी में ही रहने पर विवश थे.

दूसरी भारी अव्यवस्था लटेरी के सरकारी अस्पताल में चिकित्सक के न होंने के कारण शव को पोस्टमार्टम के लिये सिंरोंज के लरकारी अस्पताल में रैफर किया गया.ग्रामीण क्षेत्रों के सशक्तीकरण का दावा करने वाली कथित लोकप्रिय सरकार के लिये यह कलंकित करने वाली घटना है.घटना स्थल पर एसडीएम मांझी, तहसीलदार शत्रुघन चौहान,उपनिरीक्षक बनबारी लाल मोके पर पहुंच गये थे

(न्यूजबिरयानी समाचार सेवा )