आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. उन्होंने सिर में गोली मारी थी. उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

इंदौर: आध्यात्मिक गुरू भय्यूजी महाराज नें खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. उन्होंने खुदको सिर में गोली मारी थी. उमध्यप्रदेश के इंदौर स्थित बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

भय्यूजी महाराज उस वक्त से भारतीय जनता के समक्ष  सुर्खियों में आए थे जब इन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने में अहम रोल निभाया था. भय्यूजी महाराज का जीवन परिचय बेहद दिलचस्प है. इनका वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख है, लेकिन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इन्हें लोग भय्यूजी महाराज के नाम से जानते हैं. भय्यूजी महाराज एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु थे जो गृहस्थ जीवन जीते थे. उनकी एक बेटी कुहू है. हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, जिसे इन्होंने लेने से इनकार कर दिया था.

   भैय्यूजी महाराज मॉडल रह चुके हैं. मॉडलिंग का करियर छोड़कर उन्होंने आध्यात्म का रास्ता चुना था . वे सियाराम शूटिंग के मॉडल रह चुके हैं.

  वह दूसरे आध्यात्मिक गुरु से बिल्कुल अलग थे. वह कभी खेतों की जुताई करते देखे जाते, तो कभी क्रिकेट खेलते हुए. घुड़सवारी और तलवारबाजी में भी वे पारंगत थे.

अप्रैल 1968 में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर में जन्मे भय्यूजी के चहेतों के बीच धारणा है कि उन्हें भगवान दत्तात्रेय का आशीर्वाद हासिल है. महाराष्ट्र में उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा मिला हुआ थे. वह सूर्य की उपासना करते थे. घंटों जल समाधि करने का उनका अनुभव थे.  भैय्यूजी महाराज के ससुर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं. केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख से उनके करीबी संबंध थे. महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें संकटमोचक के तौर पर देखा जाता था. राजनीतिक गलियारे में रसूख वाले आध्यात्मिक गुरु थे भय्यूजी महाराज ,महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में इनकी काफी फॉलोअर हैं. अप्रैल 2016 के बाद से भय्यूजी महाराज ने सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लिया था

नई दिल्‍ली:  आध्यात्मिक गुरू भय्यूजी महाराज की मौत पर मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा खेद व्‍यक्‍त किया है. उन्‍होंने कहा कि यह अपूर्णनीय क्षति है. देश ने ऐसी शख्सियत को खोया है जो संस्‍कृति, ज्ञान और सेल्‍फलेस सर्विस का संगम थे.

उधर, कांग्रेस ने लगाया कि मध्‍य प्रदेश सरकार के कारण भय्यूजी महाराज काफी दिनों से दबाव में थे. सरकार उन पर समर्थन देने के लिए दबाव बना रही थी. उन्‍हें जबरिया विशेषाधिकार प्रदान कर रही थी जिसे लेने से उन्‍होंने इनकार कर दिया था. वह बड़े मानसिक दबाव में थे. इसकी सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए.

खुद को गोली मारने से पहले किया था अंतिम ट्वीट
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक भय्यूजी महाराज ने खुद को अपने घर पर मंगलवार दोपहर गोली मार ली थी. उसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई. उन्‍होंने अपने सिर में गोली मारी थी. खुद को गोली मारने से पहले भय्यूजी महाराज ने एक के बाद एक छह ट्वीट किए थे. अपने आखिरी ट्वीट में उन्होंने लिखा, ”मासिक शिवरात्रि को ‘महाशिवरात्रि’ कहते हैं. दोनों पंचांगों में यह चन्द्र मास की नामाकरण प्रथा है, जो इसे अलग-अलग करती है. मैं सभी भक्तगणों को इस पवन दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं.”

शिवराज सरकार ने दिया था मंत्री पद का ऑफर
भय्यूजी महाराज का वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख था, लेकिन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इन्हें लोग भय्यूजी महाराज के नाम से जानते थे. भय्यूजी महाराज एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु थे जो गृहस्थ जीवन जीते हैं. उनकी एक बेटी कुहू है. हाल ही में मध्य प्रदेश  मे उन्होंने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.

  आध्यात्मिक गुरू भय्यूजी महाराज ने मंगलवार को यहां कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद बॉम्‍बे अस्‍पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. उनका मूल नाम उदय सिंह देशमुख था. भैय्यूजी महाराज के निधन के बाद उनके बहुत सारे समर्थक अस्पताल के बाहर जमा हो गए. अन्ना जी आंदोलन के बाद से भय्यूजी महाराज काफी सुर्खियों में आये थे.

आध्यात्मिक गुरू भय्यूजी महाराज का आश्रम इंदौर शहर में स्थित है और उनके अनुयायियों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई शीर्ष नेता, सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर सहित कई मशहूर हस्तियां शामिल थीं.

बताया जाता है कि उनके आश्रम में सबसे पहले आने वाले पहले वीआईपी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख थे. उनके बाद राजनीति, सिनेमा और कॉरपोरेट जगत के कई बड़े नाम उनके आश्रम में आ चुके हैं.