श्रीनगर पुलिस ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में लिया। वहीं हुर्रियत कांफ्रेंस नरमपंथी गुट के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को उनके घर में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने यह कदम सुरक्षाबलों की कथित कार्रवाई और वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के विरोध में अलगवावादी संगठन की ओर से बुलाए गए प्रदर्शन के मद्देनजर उठाया। 14 जून को राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की उनके दफ्तर के बाहर हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में अलगाववादी नेताओं ने हड़ताल का आह्वान किया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यासीन को सुबह मौसुमा स्थित उनके घर से हिरासत में लेकर कोठीबाग पुलिस थाने ले जाया गया। हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्‌टरपंथी गुट के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी को भी घर में नजरबंद किया गया। अलगाववादियों ने जॉइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के बैनर तले गुरुवार को हड़ताल का आह्वान किया था। उनका आरोप है कि सुरक्षाबलों की ओर से की गई फायरिंग में आम नागिरक मारे गए हैं। जेआरएल के प्रवक्ता ने बुखारी की हत्या के मामले में अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कश्मीर में ट्रेन सेवा सस्पेंड कर दी।

यासीन को कोठीबाग पुलिस थाने में रखा गया है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने वहां राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो तैनात किए हैं। गृह मंत्रालय को उम्मीद है कि जल्द ही एनएसजी के 100 कमांडो बीएसएफ के शिविरों पर तैनात कर दिए जाएंगे। उन्हें एयरपोर्ट के आसपास तैनात किया जाएगा। एक अधिकारी के मुताबिक, ये कमांडो एंटी-हाईजेक ड्रिल करने में माहिर हैं। पिछले महीने गृह मंत्रालय ने एनएसजी कमांडो को कश्मीर में तैनात करने के लिए हरी झंडी दी थी। एनएसजी कमांडो पिछले दो सप्ताह से बीएसएफ के हुमहुमा कैंप पर ट्रेनिंग कर रहे हैं।