वैज्ञानिक साक्ष्‍य न्‍याय का प्रथम आधार हैं : डी.सी. सागर

भोपाल। 29/06/2018 । वैज्ञानिक साक्ष्‍य शुरू से ही अपराध की विवेचना एवं निर्णय में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिक साक्ष्‍य ही न्‍याय का प्रथम आधार होते हैं यह बात अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं श्री डी.सी. सागर ने एफएसएल सागर में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में कहीं। म.प्र. राज्‍य न्‍यायिक एकेडमी एवं एफएसएल के संयुक्‍त तत्‍वाधान में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के उच्‍चतर न्‍यायिक सेवा के 40 प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक साक्ष्‍य एवं न्‍याय विषय पर विचार-विमर्श किया एवं विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्‍त किया। इस कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम में सागर के जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश श्री एस. के. शर्मा एवं एफएसएल सागर के निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा ने भी वैज्ञानिक साक्ष्‍य के संबंध में विचार रखे।

श्री डी.सी. सागर ने कहा कि न्‍याय को विज्ञान की कसौटी पर परखने की परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। हालांकि उस समय के तौर तरीके उतने सटीक नहीं थे। समय के साथ-साथ उन्‍नत तकनीकी के माध्‍यम से उन्‍नत तकनीक जैसे डीएनए फिंगर प्रिंटिग सहित अन्‍य तकनीकों के त्‍वरित एवं सटीक न्‍याय में आसानी हो गई है। उन्‍होंने कहा कि उन्‍नत तकनीक के साथ ही अपराधियों द्वारा सुनियोजित एवं योजनाबद्ध तरीके से अपराध किए जा रहे हैं। ऐसे अपराधों की विवेचना में साक्ष्‍यों का वैज्ञानिक अन्‍वेषण से त्‍वरित एवं सही न्‍याय मिलता है एवं पीडि़त को उचित न्‍याय दिलाने तथा अपराधों की रोकथाम में फॉरेंसिक साइंस अवश्‍यं भावी है। ऐसी स्थिति में उचित एवं वैज्ञानिक तरीके से किए जाने वाले अनुसंधान में एफएसएल वैज्ञानिकों की महत्‍वपूर्ण भूमिका है। वैज्ञानिक तरीके से किए गए अन्‍वेषण के आधार पर ही न्‍यायालय उचित निर्णय एवं न्‍याय करने में सक्षम होता है एवं आरोपी दण्डित होते हैं। श्री सागर ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में न्‍यायिक संस्‍थाएं दूसरे प्रदेशों की तुलना में अधिक विश्‍वसनीय है तथा अन्‍य प्रदेशों की तुलना में प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत भी अन्‍य प्रदेशों की तुलना में ज्‍यादा है। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश श्री एस.के.शर्मा ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यशाला में एफएसएल सागर के दक्ष विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी से प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे न्‍यायिक अधिकारीगण लाभान्वित होंगे एवं इसके बाद और अधिक सक्षम तरीके से सेवाएं देंगे। उन्‍होंने कहा कि पुलिस, वैज्ञानिक एवं न्‍यायिक अधिकारीगण आपसी समन्‍वय से कार्य कर त्‍वरित न्‍याय दिलाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एफएसएल निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा ने वैज्ञानिक साक्ष्‍यों की महत्‍ता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि मनुष्‍य झूठ बोल सकता है लेकिन वैज्ञानिक विश्‍लेषण के आधार पर निकले निष्‍कर्ष सदैव सत्‍य होते हैं।

लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फरार आरोपी को इंदौर पुलिस ने ग्‍वालियर में धरदबोचा

भोपाल । 29/06/2018।  पुलिस उप महानिरीक्षक इंदौर श्री हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा धोखाधड़ी एवं ठगी जैसी आपराधिक गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मुख्‍यालय इंदौर मोहम्‍मद युसुफ कुरैशी के नेतृत्‍व में क्राइम ब्रांच टीम का गठन किया गया। इस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्यवाही कर लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे फरार आरोपी को ग्‍वालियर में धरदबोचा।

लोन दिलाने के नाम पर कई वर्षों से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच इंदौर थाने में अपराध दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच टीम ने मुखबिरों के माध्‍यम से आरोपियों की पतारसी के लिए सघन अभियान चलाया। आरोपी अखिलेश मुदगल को कोटेश्‍वर कॉलोनी ग्‍वालियर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अखबारों में विज्ञापन के माध्‍यम से लोगों को लोन दिलाने का आश्‍वासन देकर अन्‍य शुल्‍कों के रूप में रुपया वसूलता था तथा उसका एक अन्‍य साथी मनोज भतकारिया के आईडी प्रूफ का इस्‍तेमाल कर धोखाधड़ी एवं ठगी करता था। आरोपी मनोज भतकारिया भी ग्‍वालियर का निवासी है। दोनों मिलकर लोगों से ठगी करते थे। क्राइम ब्रांच टीम इंदौर द्वारा मनोज भतकारिया को भी ग्‍वालियर उसके निवास पर जाकर धरदबोचा। आरोपी मनोज भतकारिया ने पूछताछ करने पर पुलिस को बताया कि वह ग्‍वालियर में फल और जूस का ठेला लगाता है उसने अपना एटीएम कार्ड एवं पिन नंबर दो वर्ष पूर्व आरोपी अखिलेश मुदगल को दिये थे। अखिलेश जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी करता था उनसे पैसे डलवाने के लिए वह मनोज भत‍कारिया के बैंक खाते का उपयोग करता था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

सिविल डिफेन्‍स एवं आपदा प्रबंधन पर 30 जून को कार्यशाला आयोजित

भोपाल। 29/06/2018 । विशेष पुलिस महानिदेशक होमगार्ड श्री महान भारत सागर के मार्गदर्शन में ‘सिविल डिफेन्स एवं आपदा प्रबंधन’ विषय पर दिनांक 30 जून 2018  को कार्यशाला आयोजित की गई है। यह कार्यशाला 30 जून शनिवार को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक जहांगीराबाद स्थित पीटीआरआई के सभागार में होगी।