नागपुर के विश्वप्रसिद्ध नमकीन स्नैक्स और मिठाईयों के कारोबारी हल्दीराम सेठ राजेंद्र शिवकिसन अग्रवाल के अपहरण और फिरौती वसूल करने की साजिश नाकाम हो गई है. बताया जा रहा है कि एक विश्वसनीय नौकर ही उनके अपहरण की साजिश का सूत्रधार रहा . नागपुर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साजिशकर्ताओं को हिरासत में लिया है.

हल्दीराम के मालिक का अपहरण के प्रयास मामले में धंतोली पुलिस ने 5 आरोपियों को धरदबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सौरव भीमराव चव्हाण ( 21), अतुल गोपाल पाटील (24) रामबाग, रोहित राजेंद्र घुमडे (29) सोमवारी क्वार्टर , विनोद उमेश्‍वर गेडाम (23) पांचनल रामबाग आैर श्‍याम बहादुर सिंह (55) हिवरीनगर निवासी शामिल है। इन आरोपियाें को धंतोली थाने के निरीक्षक दिनेश शेंडे ने सोमवार को देर रात सहयोगियों के साथ धरदबोचा। इन आराेपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 9 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। हल्दीराम के मालिक राजेंद्र शिवकिसन अग्रवाल (55) वर्धमान नगर निवासी के अपहरण की योजना का मास्टर माइंड उनका ड्रायवर श्यामबहादुर सिंह ही है।

नियमित रूप से शनि मंदिर में दर्शन के दौरान जाने वाले अग्रवाल के अपहरण की योजना
वर्ष 2012 से श्यामबहादुर सिंह उनके यहां ड्रायवर की नौकरी पर लगा था। आरोपियों ने लोहा पुल के शनि मंदिर में दर्शन करने आने पर राजेंद्र अग्रवाल की योजना आराेपियों ने बनाई थी, लेकिन वह इसमें विफल हो गए थे। उनके ड्रायवर श्यामबहादुर सिंह ने एक मजदूर का मोबाइल सिमकार्ड सहित चुराया। आरोपियों ने इस चुराए गए मोबाइल फोन और सिमकार्ड का उपयोग कर राजेंद्र से 50 लाख रुपए का हफ्ता मांग रहे थे। हफ्ता नहीं मिलने पर आरोपियों ने दोबारा राजेंद्र अग्रवाल के अपहरण की योजना बना रहे थे। जब पहली बार आरोपियों की योजना विफल हो गई थी तब इसकी शिकायत धंतोली थाने में की गई थी।

मजदूर के मोबाइल से आरोपियों ने 50 लाख रुपए का मांगा हफ्ता
इस मामले की छानबीन कर रहे धंतोली थाने के पुलिस निरीक्षक दिनेश शेंडे को यह बात पता चली कि राजेंद्र अग्रवाल को फोन पर जान से मारने की धमकी मिल रही है, उनसे 50 लाख रुपए की रकम मांगी जा रही है तब उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को उक्त पांचों आरोपियों को धरदबोचा। इस घटना के खुलासा होने के बाद से व्यापार जगत में खलबली मच गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्धमान नगर निवासी व हल्दीराम कंपनी के  मालिक राजेंद्र शिवकिशन अग्रवाल धार्मिक प्रवृत्ति के हैं। वह हर शनिवार को लोहा पुल के पास वाले शनि मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। 27 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे वह शनि मंदिर में दर्शन करने गए थे, तब उक्त आरोपियों ने उनके अपहरण की योजना बनाई थी, लेकिन आरोपियों की योजना विफल होने से राजेंद्र की जान बच गई थी।

अप्रेल माह में मिठाई बांटने के समय अपहरण की कोशिश
सूत्रों के अनुसार जब राजेंद्र अग्रवाल मंदिर के सामने अप्रैल माह में मिठाई बांट रहे थे, तब उनके कार ड्रायवर श्यामबहादुर सिंह के साथी  सौरव चव्हाण , अतुल पाटील , रोहित  घुमडे  और  विनोद  गेडाम ने राजेंद्र अग्रवाल के पास पहुंचे। वह उन्हें वैन में जबरन बैठाने का प्रयास करने लगे। शोर मचाने पर चारों आरोपी वैन लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में धंतोली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोपियों का सुराग नहीं मिल पा रहा था। करीब दो महीने तक इस प्रकरण में पुलिस की ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दी।

पहले मोबाईल चोरी की फिर उससे दी धमकी
आरोपियों को लगने लगा कि मामला शांत हो गया। आरोपियों ने 28 जून को राजेंद्र के मोबाइल आैर घर पर फोन किया और 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। राजेंद्र ने इस बारे में धंतोली थाने में शिकायत की। तब पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू की। कॉल डिटेल निकालने के बाद पुलिस उस मजदूर तक पहुंची। मजदूर ने पुलिस को बताया कि उसका मोबाइल सहित सिमकार्ड चोरी हो गया था। मोबाइल सस्ता होने के कारण मजदूर ने उसके चोरी होने की शिकायत दर्ज नहीं कराई। आरोपियों को लगा कि वह चोरी के मोबाइल से फोन कर रहे तो जिसका मोबाइल फोन है, वह पकड़ा जाएगा। पुलिस जब मोबाइल धारक को खोज निकाला तब इस प्रकरण को खुलासा हो गया। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र अग्रवाल का अपहरण कर उनके परिजनों से लंबी फिरौती मांगने की योजना उनके कार ड्रायवर ने बनाई थी। कार ड्रायवर को राजेंद्र की हर गतिविधियों के बारे में जानकारी थी। वह घर से शनि मंदिर के लिए निकलते समय अपने दोस्तों को फोन कर दिया था।
मामले में शामिल एक आरोपी पर पहले से ही चल रहा है हत्या के अन्य मामले में मुकदमा.
हल्दीराम के मालिक राजेंद्र अग्रवाल के अपहरण करने की योजना में शामिल आरोपी सौरभ चव्हाण पर हत्या और अतुल पाटील पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। यह दोनों पुराने अपराधी हैं। रोहित और विनोद का यह पहला आपराधिक प्रकरण है। आरोपी सौरभ चव्हाण ने इमामवाडा थानांतर्गत हत्या की वारदात में शामिल था। पुलिस ने इन चारों और राजेंद्र के ड्रायवर श्यामबहादुर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने किसकी वैन का उपयोग किया था। इस बारे में पूछताछ की जा रही है।

नई दिल्ली 20 साल बाद अमरीकी कंपनी पैप्सीको को पछाड़ हल्‍दीराम देश की सबसे बड़ी नमकीन कंपनी बन गई है। नीलसन की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में खत्म वर्ष के दौरान हल्‍दीराम ने 4,224.8 करोड़ रुपए की बिक्री की है जबकि इस दौरान पैप्सीको ने 3,990.7 करोड़ रुपए की बिक्री की है। पिछले साल हल्दीराम ने 3,262.2 करोड़ रुपए की बिक्री की थी, यानि इस साल हल्दीराम की सेल में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

पेप्सिको के प्रवक्ता ने बताया, ‘सॉल्टी स्नैक्स सेगमेंट में हम अभी भी टॉप पर हैं। यह सभी स्नैक्स में सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी भी है। नाचोज कैटिगरी में हमने ‘मेड इन इंडिया’ डोरिटोस के साथ अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। पिछले वर्ष इनोवेशन के कारण लेज हमारा सबसे तेजी से बढ़ने वाला फूड ब्रांड रहा। हमने कुरकुरे ट्रायएंगल्स के साथ अपने सॉल्टी स्नैक्स पोर्टफोलियो को और बढ़ाया है।’ 1937 में बीकानेर में अग्रवाल परिवार का एक छोटी सी दुकान से शुरू हुआ। बिजनस ब्रांड बनने के दौरान विवादों में घिरा, उबरा और बढ़ा। हल्दीराम अग्रवाल परिवार का लांच किया गया यह ब्रांड पारले के बाद दूसरा सबसे बड़ा भारतीय ब्रैंड है।

बता दे कि भारत में हल्दीराम तीन अलग-अलग बिजनेस में है। जानकारी के मुताबिक, हल्दीराम स्नैक्स ऐंड एथनिक फूड्स का उत्तरी भारत में रेवेन्यू 2136 करोड़ रुपए रहा। इसके अलावा पश्चिमी और दक्षिण के बाजारों में सप्लाइ करने वाली हल्दीराम फूड्स इंटरनैशनल की सालाना बिक्री 1613 करोड़ रुपए रही। इसी तरह, पूर्वी मार्कीट में फोकस करने वाली बहुत ही छोटे साइज वाली कंपनी हल्दीराम भुजियावाला का रेवेन्यू 2016 में 298 करोड़ था.     (एमपीहलचल से साभार)