सोनाली बेंद्रे को कैंसर :खबर से प्रशंसकों में दुख की लहर, न्यूयार्क में इलाज

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे को कैंसर हो गया है। इरफान के ट्यूमर के बाद सोनाली बेंद्रे को हुए कैंसर की खबर ने सभी को चौंका दिया है। हालांकि वह हिन्दी फिल्मों से कुछ समय से दूर ही थी, लेकिन फिर भी 90 के दशक की ये अभिनेत्री आज भी सभी लोगों के ज़हन में है। ऐसे में सोनाली बेंद्रे को में कैंसर की खबर ने बॉलीवुड के साथ-साथ उनके फैंस को भी परेशान कर दिया है। अपनी इस बीमारी के बारे में खुद सोनाली ने अपने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियों में शुमार सोनाली बेंद्रे को लेकर बुरी खबर है. वो इस वक्त कैंसर की बीमारी से जूझ रही हैं. ट्विटर पर एक पोस्ट में उन्होंने अपनी बीमारी और उससे हो रही जंग की खुद जानकारी दी. सोनाली बेंद्रे ने बुधवार को एक भावुक पोस्ट में लिखा- ”कभी-कभी, जब आप जिंदगी से कम से कम की उम्मीद करते हैं तो जीवन आपको एक कर्वबॉल फेंक देता है. मुझे हाल ही में हाईग्रेड कैंसर हुआ. हम इसे पहले स्पष्ट रूप से नहीं देख पा रहे थे. एक अजीब से दर्द की शि‍कायत के बाद कुछ टेस्ट में कैंसर होने का खुलासा हुआ. मेरे परिवार और करीबी दोस्त मेरे चारों तरफ हैं जो मुझे बेस्ट सपोर्ट दे रहे हैं.
मेटास्टैटिक स्टेज में पहुंचा सोनाली का कैंसर
बॉलिवुड में इस बार कैंसर के मामले कुछ ज्यादा ही सुनने को मिल रहे हैं। पहले इरफान खान और अब बॉलिवुड ऐक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे। सोनाली ने अपने सोशल मीडिया अकांउट पर यह जानकारी दी कि उन्हें हाई-ग्रेड कैंसर हो गया है जो अब मेटास्टेसाइज्ड हो गया है यानी शरीर के दूसरे अंगों तक फैल चुका है और सोनाली इस वक्त न्यू यॉर्क में हैं और अपना इलाज करवा रही हैं। हम आपको बताते हैं किआखिर मेटास्टैटिक कैंसर होता क्या है…
जब शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल जाए कैंसर
कैंसर शरीर के जिस हिस्से में सबसे पहले विकसित होता है उसे प्राइमरी स्पॉट कहते हैं और जब कैंसर सेल्स टूटकर प्राइमरी स्पॉट से निकलकर खून या लसीका के जरिए शरी के दूसरे हिस्सों तक फैल जाते हैं तो उसे मेटास्टैटिक कैंसर कहते हैं। कैंसर सेल्स जब शरीर के दूसरे हिस्सों में ट्यूमर बनाने लगते हैं तो इसे मेटास्टैटिक ट्यूमर कहते हैं। हालांकि प्राइमरी और मेटास्टैटिक कैंसर दोनों का नेचर एक जैसा ही होता है।
सीरियस स्टेज है मेटास्टैटिक कैंसर
कैंसर डॉट जीओवी के मुताबिक मेटास्टैसिस अक्सर अलग-अलग तरह के कैंसर के चौथे स्टेज में हो जाता है और इसलिए मेटास्टैसिस एक सीरियस स्टेज है क्योंकि इसका मतलब है कि इंसान के शरीर में होने वाला कैंसर इतना मजबूत था कि वह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया। मेटास्टैटिक कैंसर वैसे तो प्राइमरी कैंसर की तरह ही है। उदाहरण के लिए अगर ब्रेस्ट कैंसर लंग्स यानी फेफड़ों तक फैल जाता है तो उसे मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर ही कहा जाएगा लंग्स कैंसर नहीं।

सोनाली बेंद्रे बॉलीवुड की एक बेहद खूबसूरत अभिनेत्री हैं। सोनाली बेंद्रे का जन्म 1 जनवरी 1975 को हुआ था। वर्ष 2002 में, सोनाली बेंद्रे ने गोल्डी बहल से शादी की और इन दोनों की एक संतान है। सोनाली बेंद्रे ने अपने कैरियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और बाद में उनको “स्टारडस्ट टैलेंट सर्च” के लिए चुना गया।

सोनाली ने बतौर एक्ट्रेस साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘आग’ से अपना डेब्यू किया था, जिसमें वह गोंविदा की सह-कलाकार थीं। शुरूआत में, सोनाली बेंद्रे को फिल्मी जगत में स्वयं को स्थापित करने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ा, लेकिन उन्हें  भाई (1997), सरफरोश (1999), जख्म, डुप्लीकेट, हम साथ-साथ हैं (1999), दिल ही दिल में (2000), तेरा मेरा साथ रहे और अनाहत (2003) जैसी फिल्मों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बहुत अधिक प्रशंसा मिली। सोनाली बेंद्रे की इन फिल्मों में कई भूमिकाएँ हैं, डुप्लिकेट में उन्होंने एक भव्य और निडर लड़की की भूमिका निभाई, जबकि टक्कर, हम साथ-साथ हैं, सरफरोश और मेज़र साब में उन्होनें एक साधारण और प्यारी लड़की की भूमिका निभाई है।

सोनाली बेंद्रे ने अपने फिल्मी कैरियर में बॉलीवुड के कुछ सर्वश्रेष्ठ कलाकारों के साथ काम किया है – अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सलमान खान, आमिर खान, शाहरुख खान, गोविंदा, अरविंद स्वामी, अक्षय कुमार, मिथुन चक्रवर्ती आदि। सोनाली बेंद्रे एक अच्छी अभिनेत्री के साथ-साथ एक अच्छी नर्तकी भी हैं, जो कि बॉम्बे, लज्जा और मेज़र साब जैसी फिल्मों में प्रत्यक्ष रूप में दिखाई दिया है। बॉम्बे फिल्म का आइटम गीत हम्मा-हम्मा अभी भी सुना जाता है। सोनाली बेंद्रे ने कुछ मराठी, तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। सोनाली बेंद्रे की कुछ प्रसिद्ध तेलुगु फिल्में पलनाती ब्रह्मानायडू (2003), इंद्रा (2002), खड्गम (2002) और मानमधुडू (2002) हैं। सोनाली बेंद्रे ने कुछ तमिल फिल्मों में काम किया है, जैसे कन्नू कनबथेलम (1999) और कढलर धिनम (1999)।

सोनाली बेंद्रे ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई पुरस्कार जीते हैं:

  • मोस्ट प्रोमिसिंग न्यूकमर के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड (1994)
  • फिल्म ‘आग’ के लिए फिल्मफेयर लक्स न्यू फेस अवार्ड (1995)
  • फिल्म ‘हमारा दिल आपके पास है’ में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड (2001)
  • मराठी फिल्म अनाहत में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड (2004)

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को हाई ग्रेड कैंसर हुआ है. वो अपना इलाज न्यूयॉर्क में करवा रही हैं. उनके साथ उनका 13 साल का बेटा रणवीर बहल और पति गोल्डी बहल भी हैं. 43 साल की सोनाली अपने परिवार के बेहद करीब हैं. उनका इंस्टाग्राम अकाउंट उनके परिवार के सदस्यों से भरा हुआ है. (अपने बेटे रणवीर के साथ सोनाली

10 तस्वीरें: देखें बेटे-परिवार संग कैसे वक्त बिताती हैं सोनाली बेंद्रे
 बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को हाई ग्रेड कैंसर हुआ है. वो अपना इलाज न्यूयॉर्क में करवा रही हैं. उनके साथ उनका 13 साल का बेटा रणवीर बहल और पति गोल्डी बहल भी हैं. 43 साल की सोनाली अपने परिवार के बेहद करीब हैं. उनका इंस्टाग्राम अकाउंट उनके परिवार के सदस्यों से भरा हुआ है. (अपने बेटे रणवीर के साथ सोनाली)

10 तस्वीरें: देखें बेटे-परिवार संग कैसे वक्त बिताती हैं सोनाली बेंद्रे

गोल्डी बहल फिल्म प्रोड्यूसर हैं. उन्हें सोनाली से पहली ही नजर में प्यार हो गया था. गोल्डी ने सोनाली को 1994 में ‘नाराज’ फिल्म के सेट पर देखा था और उनके दीवाने हो गए थे. दोनों ने 2002 में शादी की थी. ( चित्र – आजतक से साभार)

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे की ख़ूबसूरती पर भला किसका दिल ना फिसले। 90 के दशक में सोनाली की अदा पर कई दिल फ़िदा हुए थे जिनमें से एक नाम MNS चीफ राज ठाकरे का भी है। जी हाँ बिलकुल सही पढ़ा आपने। रिपोर्ट्स की माने तो राज ठाकरे और सोनाली बेंद्रे एक दुसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन कई प्यार करने वालों की तरह इनकी प्रेम कहानी भी अधूरी रह गयी।

सोनाली बेंद्रे और राज ठाकरे के रिश्ते के बारे में लोग अलग अलग कहानी बताते हैं। कोई कहता है की राज ठाकरे की मदद की सोनाली बेंद्रे को बॉलीवुड में काम मिला तो कोई कहता है की फिल्मों में सोनाली बेंद्रे को देखने के बाद राज का दिल उन पर आ गया था। खैर दोनों कैसे मिले ये कह पाना तो मुश्किल है हाँ लेकिन दोनों का अफेयर था ये बात तो जग-जाहिर है। राज ठाकरे जब सोनाली बेंद्रे के प्यार में गिरफ्त हुए उस वक़्त वो शादी शुदा थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज फिर भी सोनाली से शादी करना चाहते थे लेकिन उनके ताऊ बाल ठाकरे ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया। बाल ठाकरे ने राज ठाकरे को समझाया की अगर उन्होंने ऐसा किया तो उनकी और उनकी पार्टी शिवसेना की इमेज खराब हो जाएगी जो भविष्य के लिए अच्छा नहीं है।

राज ठाकरे उस वक़्त शिवसेना पार्टी में थी थे। उन्हें लगा था की बाल ठाकरे अपने कुर्सी की कमान उनके ही हाँथ में देंगे ऐसे में उन्होंने बाल ठाकरे की बात मान ली और अपने प्यार की कुर्बानी देदी। राज ठाकरे ने प्यार के बदले सत्ता को चुना। दोनों ने शादी ना करने का फैसला किया। लेकिन कहते हैं दोनों फिर भी लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहें । राज ठाकरे ने जिस कुर्सी के लिए अपने प्यार की कुबानी दी वो कुर्सी भी उनके हाँथ से निकल गयी। बाल ठाकरे ने अपने बेटे उद्धव ठाकरे के हाँथ में शिवसेना की जिम्मेदारी दी और राज ठाकरे ने अपनी अलग पार्टी बनाई। कहते हैं आज भी राज ठाकरे और सोनाली बेंद्रे दोस्त हैं।

संकलन और प्रस्तुति- (newsbiryani.com Team)

 

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