मध्‍यप्रदेश पुलिस की अभिनव पहल , 180 थानों में पीडि़त महिलाओं के लिए ऊर्जा डेस्‍क प्रारंभ

ऊर्जा से भरकर और अधिक जिम्‍मेदारी के साथ ऊर्जा डेस्‍क करे कार्य- पुलिस महानिदेशक

भोपाल । 20 जुलाई 2018 । पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्‍ला ने जहांगीराबाद में ऊर्जा(अरजेन्‍ट रिलीफ एण्‍ड जस्‍ट एक्‍शन) डेस्‍क का शुभारंभ किया। ऊर्जा डेस्‍क के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर पीटीआरआई में श्री ऋषि कुमार शुक्‍ला ने कहा कि ऊर्जा डेस्‍क का मकसद पीडि़त महिलाओं को त्‍वरित कार्यवाही के माध्‍यम से त्‍वरित न्‍याय दिलाना है। ऊर्जा डेस्‍क अब्‍दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्‍शन लेब (जे-पल), मेसाचुसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नालॉजी के मार्गदर्शन में कार्य करेगी। ऊर्जा डेस्‍क विदिशा, रतलाम, इंदौर, भोपाल, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, रीवा, जबलपुर, पन्‍ना, मुरैना एवं ग्‍वालियर सहित 12 जिलों के 180 थानों में आई पीडि़त महिलाओं की शिकायतें एवं समस्‍याएं सुनने के लिए पृथक रूप से हेल्‍प डेस्‍क स्‍थापित करना। ऊर्जा डेस्‍क स्‍थापित करने का उद्देश्‍य थाने में आई पीडि़त महिलाओं की अपेक्षाओं को पूरा कर सहायता करना है। उन्‍होंने कहा कि ऊर्जा डेस्‍क स्‍थापित करने के लिए पुलिस विभाग संसाधनों एवं अधिकारियों सहित अन्‍य सहायता प्रदान करेगा।

श्री शुक्‍ला ने कहा कि मुझे आशा है कि ऊर्जा डेस्‍क सब्र के साथ इस तरह कार्य करेगा कि भविष्‍य में दीर्घकालिक सकारात्‍मक परिणाम मिलें। उन्‍होंने उपस्थित प्रशिक्षुओं से कहा कि ज्‍यादा से ज्‍यादा जनभागीदारी के लिए विभिन्‍न सामाजिक संगठनों, एनजीओ एवं समाजसेवी संस्‍थाओं के सहयोग से इस दिशा में कारगर प्रयास करें। पुलिस से जनता की अपेक्षाएं बहुत ज्‍यादा हैं जिस पर खरा उतरना है। उन्‍होंने आशा जताई कि ऊर्जा डेस्‍क से जुड़कर पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी और अधिक ऊर्जा एवं जिम्‍मेदारी के साथ काम करेंगे। जिसमें पुलिस मुख्‍यालय का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रथम वर्ष इन 180 थानों में ऊर्जा डेस्‍क के कार्य करने के बाद प्राप्‍त हुए वैज्ञानिक डेटा के आधार पर महिला अपराधों एवं अपराध पीडि़ताओं के बचाव के लिए आगे की नीति एवं कार्यवाही की योजना बनाई जाएगी। श्री शुक्‍ला ने जे-पल के प्रोफेसर्स, मास्‍टर ट्रेनर्स तथा ऊर्जा डेस्‍क से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं।

अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री मुकेश जैन ने कहा कि जे-पल(अब्‍दुल लतीफ जमील प्रोवर्टी एक्‍शन लैब) एक वैश्विक शोध संस्‍था है जहां 161 प्रोफेसर्स कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, शासन आदि कई क्षेत्रों में शोधकार्य कर रहे हैं। जे-पल यूरोप, एशिया, अफ्रीका सहित विश्‍व के कई देशों में शोधकार्य कर रहा है। जे-पल का भारत में यह दूसरा प्रोजेक्‍ट है एवं महिलाओं के संबंध में शोध का यह पहला प्रोजेक्‍ट है चूंकि महिला अपराध वर्तमान की ज्‍वलंत समस्‍या है अत: मध्‍यप्रदेश पुलिस ने शोध के लिए इसे चुना। उन्‍होंने कहा कि ऊर्जा डेस्‍क मध्‍यप्रदेश पुलिस की एक अभिनव पहल है जो 12 जिलों के 180 थानों में कार्य करेगी। इन थानों का चयन रेंडमली किया गया है। ऊर्जा डेस्‍क में महिला पुलिस अधिकारी कार्य करेंगी।

यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के प्रोफेसर संदीप सुखतांकर ने जे-पल के बारे में बताया कि यह एक वैश्विक शोध संस्‍थान है। जो विश्‍व के कई देशों में कई विषयों पर शोध कर रहा है। इस संस्‍था में किए गए शोध से प्राप्‍त आंकड़ों एवं सबूत के आधार पर महत्‍वपुर्ण नीतियां बनाई जाती हैं।

ऑक्‍सफोर्ड के प्रोफेसर डॉ. अक्षय मंगला ने कहा कि ऊर्जा डेस्‍क के माध्‍यम से महिलाओं की समस्‍याओं एवं अपराधों के संबंध में सहायता प्राप्‍त होगी तथा लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्‍या अर्थात महिलाओं में सुरक्षा की भावना पैदा कर देश एवं प्रदेश विकास की नई ऊंचाईओं को प्राप्‍त करेगा। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक श्री के.एन. तिवारी, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्रीमती अनुराधा शंकर, श्रीमती अरुणा मोहनराव, श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव, श्री आदर्श कटारिया, श्री अन्‍वेष मंगलम, श्री पवन जैन, श्री एस. डब्‍ल्‍यू. नकवी, श्री विपिन माहेश्‍वरी, श्री डी.सी. सागर, श्री राजेन्‍द्र मिश्रा भोपाल आईजी श्री जयदीप प्रसाद और डीआईजी श्री धर्मेंद्र चौधरी सहित वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी, प्रोफेसर गेब्रियल क्रुक्‍स तथा 12 जिलों के एसपी उपस्थित थे। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 12 जिलों के डीएसपी एवं निरीक्षकों को मास्‍टर ट्रेनर्स द्वारा ऊर्जा डेस्‍क की कार्यप्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।