नागपुर पुलिस के कैनवास से बिछुडी. शिवाजी –संभाजी की जोडी…..अकेले रह गये संभाजी

नागपुर ! निवृतमान पुलिस आयुक्त डा.के वेंकटेशम् की बदली के साथ ही बीते डेढ. बरस से नागपुर पुलिस के कैनवास पर छाने वाली शिवाजी – संभाजी की जोडी. बिछुड. गई है. इस जोडी. के वरिष्ठ किरदार भापुसे के आईजी स्तर के अधिकारी श्री शिवाजी बोडखे तो डा. वेकटेशम के अनुगामी बनकर पुणे रवाना हो गये. इधर मपोसे के वरिष्ठ अधिकारी और नागपुर में डीसीपी क्राईम का ओहदा संभाल रहे श्री संभाजी कदम अकेले पड. गये. सीपी का विदाई से पहले ही जल्दवाजी में रवाना हुए डीसीपी जोन टू श्री राकेश ओला नें सबसे पहले अपनी नई पदस्थापना पर आमद दर्ज कराई लेकिन डीसीपी हैडक्वार्टर श्री रविन्द्र सिंह संतोष सिंह परदेसी अपनी विदाई से पहले ढेर सारी फाईलों के बोझ से  पीडि.त रहे.स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों में श्री परदेसी ही एकमात्र ऐसे डीसीपी हैं जो पुणे जाने की जल्दी में तो हैं पर अब तक मुख्यालय में ही फंसे है.

     नागपुर पुलिस में बीते लगभग डेढ.बरस पहले डीसीपी स्तर के जिन पुलिस अधिकारियों की खेप पदस्थापित हुई थी उनमें पदस्थापना के मामले में सबसे अधिक भाग्यशाली रहे डीसीपी संभाजी कदम. जिन्हे अन्य समकक्ष अधिकारियों से कनिष्ठता के बावजूद नागपुर के डीसीपी क्राईम जैसे महत्वपूर्ण पद से नवाजा गया. ये बात और है कि उन्होंने अपनी क्षमताओं का बेहतर प्रदर्शन भी किया लेकिन कहीं न कहीं वे कतिपय लोगों के निशाने पर भी रहे.पूर्व पुलिसायुक्त डा. के वेंकटेशम् के पूर्ववर्ती बर्षों में रीडर के रूप में कार्य कर चुकने का विश्वास हासिल कर चुके संभाजी कदम को गाहे-बगाहे सीपी ने खूब प्रोत्साहित किया. नवागत सीपी इन्हें कहां रखेंगे इस पर सबकी नजर है. उधर पूर्व सीपी के विश्वस्त रहे शिवाजी बोडखे बहुत मृदुभाषी लेकिन कानून के प्रति आस्था रखने वाले कर्मचारियों के प्रति सद्भावना रखने वाले अधिकारी के रूप में स्मरण किये जायेंगे. पूर्वायुक्त के विश्वस्त रहे शिवाजी-संभाजी में से डा.के. वेंकटेशम्. सहगामी बने शिवाजी बोडखे के पुणे प्रस्थान के बाद शिवाजी-संभाजी की जोडी. बिछुड. गई है. फिलहाल संभाजी अकेले पड. गये हैं.

  नई पदस्थापना पर सबसे पहले भापुसे के राकेश ओला को रवानगी मिली , जिन्होंने स्थानांतरण के आदेशों के दो दिनों के भीतर ही नई पदस्थापना नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाल लिया. श्री ओला के अलावा नई पदस्थापना पर परभणी के पुलिस अधीक्षक श्री के.के. उपाध्याय , जालाना के नवीन पुलिस अधीक्षक एस.चैतन्य , और पुणे रवाना हो रहे मपोसे के अधिकारी स्मार्तना पाटिल और सुहास बाबचे को पूर्व सीपी के पदमुक्त होने के चंद घंटो के भीतर ही नवीन पदस्थापना पर जाने की हरी झंडी मिल गई , लेकिन डीसीपी रविन्द्र सिंह परदेसी फाईलों के अंबार में अभी भी फंसे हैं. चेहरे पर सदा मनमोहनी मुस्कान धरने वाले परदेसी देर से रवाना होने की अपनी पीडा. संभव है व्यक्त न करे पर उन्हें हैडक्वार्टर में अपनें उत्तराधिकारी का इंतजार बना है.

       नागपुर शहर में जो नये पुलिस अधिकारी आमद दर्ज कराने वाले हैं उनमें श्री.पंडीत चिन्मय सुरेश ,अमरावती से ,हर्ष ए.पोद्दार मळेगांव नाशिक, राजतिलक रौशन बसई पालघर से नागपुर के पुलिस उपायुक्त बनाये गये हैं. ये तीनों भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. इनके अतिरिक्त श्री.विवेक विठ्ठल मासाळ, महाराष्ट्र राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी नागपुर में पदस्थ होंगे. इस सबके अलावा अपर आयुक्त क्राईम के पद पर स्थांनांरित होकर श्री बी.जी.गायकर भी नवागतों की सूची में शामिल हैं. इधर नागपुर में शेष बचे उपायुक्तों में जोन तीन के उपायुक्त राहुल माकणीकर बेहद संवेदनशील अदिकारियों में से हैं जो सीआरपीसी के अच्छे जानकार है. उधर आर्थिक अपराध शाखा और सायबर सेल में जमी श्रीमती श्वेता खेडकर भी बहुत कर्मठ है. इन सब अधिकारियों में से नवागत सीपी किसे किस- जोन का प्रभार देंगे और नये फेरबदल में किस अधिकारी पर कौन सी जिम्मेदारी आयेगी वह सबके लिये अभी प्रश्न हे…….

 और अंत में श्री भरणे…………………..

पिछले कुछ दिनों से भारतीय पुलिस सेवा के नागपुर जोन चार में पदस्थ उपायुक्त श्री नीलेश भरणे के चेहरे पर एक लम्बी मुस्कान तनी हुई दिखाई देने लगी है. इसे यूं समझा जाये कि बीते दिनों हुई जोरदार बारिश में उनके द्वारा श्रेष्ठ पुलिसिंग कामकाज , सैरोगेसी मामले में गहन जांच और तथ्यों के प्रकटीकरण के बाद वे काफी लाईम-लाइट में हैं. बीते सालभर बुझे-बुझे से रहने वाले भरणे को काम का मौका मिलते ही आंखों की चमक में बढत साफ देखी जा सकती है…नये सीपी अब श्री भरणे को क्या जबाबदारी देंगे इस पर सबकी नजर है.

 

(नीरज ओमप्रकाश श्रीवास्तव की रपट)