स्व‍िस बैंक में 8448 करोड़ – स्व‍िस बैंकों में काला धन रखना अब भारतीयों के लिए आसान नहीं होगा. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अगले 10 दिनों के भीतर एचएसबीसी में भारतीयों के पैसे को लेकर डेटा अगले 10 दिनों में आ जाएगा. पीयूष गोयल मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्न काल के दौरान यह जानकारी दे रहे थे.

कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि स्व‍िट्जरलैंड की सर्वोच्च अदालत ने स्व‍िस सरकार को भारत सरकार के साथ डेटा शेयर करने का आदेश दिया है. इसके बाद उम्मीद है कि अगले 10 दिनों के भीतर स्व‍िस अथॉरिटीज एचएसबीसी में भारतीयों के पैसे को लेकर डेटा सौंप देंगे.

 मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पीयूष गोयल ने कहा क‍ि काले धन पर लगाम कसने की खातिर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ”वैसे तो विदेशों में काला धन कितना छुपा है, इसको लेकर कोई  अनुमान नहीं है. लेक‍िन 5,447  करोड़ की टैक्स डिमांड HSBC में जमा 8,448 करोड़ रुपये की अघोष‍ित आय को लेकर की गई है.”

वित्त मंत्री ने बताया कि एचएसबीसी लिस्ट 2010-11 और 2011-12 से 2014 के बीच जारी की गई थी. लेक‍िन इस पर ब्रेक लग गया था. क्योंकि तब स्व‍िस सरकार ने इसे सीक्रेट इंफोर्मेशन होने का हवाला देकर भारत के साथ बांटने से इनकार कर दिया था.

उन्होंने कहा, ”इस सरकार (मोदी सरकार) के आने के बाद हमने रेवेन्यू सेक्रेटरी को स्व‍िट्जरलैंड भेजा. हमने स्व‍िस सरकार के साथ इसको लेकर चर्चा की. इसके बाद 15 अक्टूबर, 2015 को एक संयुक्त बयान जारी किया गया था. इसमें दोनों के बीच ये समझौता हुआ था कि दोनों एक दूसरे के साथ जानकारी साझा करेंगे. उसके बाद से हमें एचएसबीसी डेटा को लेकर जानकारी मिल रही है.

वित्त मंत्री ने बताया कि यही प्रक्रिया अब दूसरे देशों के साथ भी शुरू कर दी गई है. कुछ देशों के साथ ऑटोमैटिक इंफोर्मेशन शेयर‍िंग को लेकर भी बातचीत चल रही है.

पीयूष गोयल ने बताया कि एचएसबीसी की लिस्ट में 8,448 करोड़ रुपये की अघोष‍ित आय का पता लगा है. जिस पर 5,447 करोड़ की टैक्स डिमांड बनती है. 1290 करोड़ रुपये की पेनल्टी भी 164 मामलों में लगाई गई है. 84 मामलों में 199 अभ‍ियोजन श‍िकायतें दर्ज की गई हैं.

पनामा पेपर्स को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें 426 लोगों की जानकारी थी. इस जानकारी को लेकर जांच जारी है. अब तक 62 कार्रवाई की गई हैं. इन कार्रवाई के दौरान 50 मामलों में जब्ती की गई है. वहीं, 12 मामलों में सर्वे एक्शन लिया गया है.