राजस्थान के बाड़मेर में 12 साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. 2013 में बाड़मेर जिले के सदर थाना क्षेत्र के रड़वा गांव में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप के बाद हत्या करने के मामले में एसटी-एससी और पॉस्को कोर्ट ने ये बड़ा फैसला सुनाया है.

कोर्ट ने दोषी घेवर सिंह और श्रवण सिंह को फांसी की सजा और तीन दोषियों को सात साल की सजा सुनाई है. जानकारी के मुताबिक वर्ष 2013  बाड़मेर जिले के रड़वा गांव में एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर पहले तो उसके साथ गैंगरेप किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.

इस पूरे मामले के बाद पीड़ित पक्ष की और से अधिवक्ता करनाराम ने पैरवी करते हुए दो दोषियों को फांसी की सजा और 3 को 7 साल की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

अप्रैल 2013 में बाड़मेर चोहटन मार्ग पर स्थित रडवा गांव की एक 12 वर्षीय  मासूम बालिका का बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर शव पहाड़ियों के बीच डाल दिया गया था.

तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट की टीम ने इस दुष्कर्म का खुलासा कर मुख्य आरोपी घेवर सिंह व श्रवण सिंह  सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पांच साल बाद इस मामले में कोर्ट ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. तीन अन्य आरोपियों को सात सात साल की सजा सुनाई गई है.

बाड़मेर जिले में यह पहला मौका है जब किसी दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सज़ा सुनाई गई. जज वंमिता सिंह ने कहा कि ये सबसे निम्न स्तर का कृत्य है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सिर्फ मृत्युदंड देना ही पीड़िता को न्याय देना होगा.