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नागपुर में अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक के बाद पुलिस आयुक्त डा. के. वेंकटेशम् ‍ ,मध्य प्रदेश पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक श्री कैलास मकवाना ‍, एडीजी सीआईडी महाराष्ट्र श्री संजीव सिंघल और आईजी प्रताप सिंह पाटणकर नें संयुक्त वार्ता में संवाददाताओं से चर्चा की.

नागपुर । अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक के बाद तीन राज्यों महाराष्ट्र , मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों नें अपने अपने सीमा क्षेत्र में घटित होने वाले अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की पकड.-धकड. करनें मे परस्पर सहयोग का इरादा प्रकट किया .इसके लिये आयोजित बैठक में आसूचनाओं ( intelligence reports ) का आदान-प्रदान किया तथा संगठित रूप से अपराधों पर नियंत्रण की रूपरेखा बनाई. नागपुर में N- Cops ,पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र पटेल बंगला में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में लगभग ३२ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कार्यशाला के रूप में अपराधों की पृकृति और क्षेत्रवार होने वाले अपराधों  के आंकडे और अपराधियों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनायें साझा कीं.इन अधिकारियों नें भविष्य में परस्पर सहयोग किये जाने के लिये प्रतिबद्धता जाहिर की.

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महाराष्ट्र राज्य पुलिस सीआई डी के अपरपुलिस महानिदेशक श्री संजीव सिंघल नें सेमीनार के दौरान अधिकारियों से सूचनायें साझाकीं

राज्यों के सीमांचलों में अपराध घटित होने के बाद अपराधी सीमा से लगे अन्य राज्यों में प्रवेश कर जाते है. इन अपराधियों का एक राज्य से अन्य राज्य में आवागमन स्थानीय पुलिस के लिये सामान्यत समस्या ही होता है. सीमाक्षेत्र और कानूनी कार्रवाही के अधिकार कानूनी प्रक्रिया और संसाधनों की पेचीदगी के कारण अपराधियों की धरपकड.में बिलंब और पीडि.त पक्ष को न्याय मिलने में देरी के कारण आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हो जाते हैं. अपराधियों को राज्यों की सीमाओं से परे कानून की पकड. में फंसने के लिये एक दिवसीय अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की मेजबानी महाराष्ट्र राज्य पुलिस की ओर से नागपुर शहर पुलिस को करने का मौका मिला.

नागपुर जैसे विदर्भ के प्रमुख शहर के तीन राज्यों की सीमा के निकट बसे होने से अपराधी तत्व न केवल नागपुर शहर बल्कि समीपस्थ राज्यों छत्तीसगढ. के रायपुर ‍राजनांदगांव मध्यप्रदेश के छिंदवाडा. बैतूल जिलों में अपराध के बाद शरण ले लेते है. रेल्वे के परिक्षेत्र में उत्तर से दक्षिण तक आपराधिक गतिविधियों के विस्तार में भी यह महत्वपूर्ण तथ्य रेखांकित किया गया है. . इसी प्रकार मध्यप्रदेश छत्तीसगढ और तेलंगाना आदि राज्यों से अपराधी महाराष्ट्र राज्य के अंतर्गत विदर्भ और इसके विभिन्न जिलों में छिप कर बिता लेते हैं. इन अपराधियों के विरूद्ध स्थानीय स्तर पर पुलिस कार्रवाई न हो पाने का महत्वपूर्ण कारण होता है स्थानीय पुलिस के पास इन अपराधियों द्वारा किये अपराध के संबंध में सूचनाओं का न होना और यही कारण होता है कि अपराधी पुलिस प्रक्रिया की इन खामियों के चलते कानून के शिकंजे में देर से फंसते हैं.

नागपुर पुलिस के आयुक्त डा.के वेंकटेशम् की बिशेष पहल पर अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद के इस प्रकार आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई. विभिन्न राज्यों की पुलिस यद्पि नियमित रूप से परस्पर सहयोग करती है परन्तु यदि व्यवसायिक रूप से दक्ष और परिणामोन्मुखी प्रयासों  पर बल दिया जाये तो अपराधों के नियंत्रण में यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. इसी को ध्यान में रखकर नागपुर पुलिस कमिश्नर डा. के. वेंकटेशम् की ओर से अपराध नियंत्रण के लिये केन्दित (targeted ) इस प्रयास के लिये नागपुर पुलिस की समूची टीम नें बीते कई दिनों से लंबित मामलों ‍, आपराधिक गतिविधियों के मामलों में फरार व्यक्तियों का डेटा बेस तैयार किया जिसे अन्य राज्यों तथा जिलों के साथ शेयर किया जाना था. मध्य प्रदेश पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक (CID ) श्री कैलाश मकवाना ‍और महाराष्ट्र पुलिस के श्री संजीव कुमार सिंघल अपर पुलिस महानिदेशक (CID ) के अलावा नागपुर अंचल के बिशेष पुलिस महा निरीक्षक श्री प्रताप सिंह पाटणकर डी आई जी बालाघाट श्री इरशाद अली ‍छिंदवाडा. जोन के डी आईजी डा. जी. के. पाठक श्री अंकुश शिंदे डी आईजी गढ.चिरौली अविनाश कुमार डीआईजी अमरावती नें इस सेमीनार में भागीदारी कर सूचनाओं के परस्पर आदान प्रदान में गहरी रूचि दिखाई.

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भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अपने कनिष्ठों को अपराध नियंत्रण के लिये समन्वय और आसूचना के आदानप्रदान की प्रक्रिया और केन्द्रित प्रयास के बरे में निर्देश देते हुए.

नागपुर का N- Cops ,पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र पटेल बंगला लगभग ३२ आईपीएस अधिकारियों के अपराध के विरूद्ध होने वाले मंथन का केन्द्र बना. इस अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक में नागपुर विदर्भ के तमाम महत्वपूर्ण पुलिस अधिकारी शामिल हुए जिनमें प्रमुख रूप से श्री शैलेश बलकबडे. पुलिस अधीक्षक नागपुर ग्रामीण  श्रीमती निर्मला देवी पुलिस अधक्षक वर्धा श्रीमती नियति ठाकर पुलिस अधीक्षक चंद्रपुर श्रीमती विनीता साहू पुलिस अधीक्षक भंडारा श्री दिळीप पाटील भुजबळ पुलिस अधीक्षक गोंदिया तथा रेल्वे के पुलिस अधीक्षक अमोघ गांवकर नें नें नागपुर में अपनी आमद दर्ज कराई.

नागपुर शहर पुलिस से अपर पुलिस आयुक्त एस आर दिघावकर,  स्पेशल ब्रांच के डीसीपी श्री नीलेश आनंद भरणे, जोन वन की डीसीपी स्मार्तना पाटिल, जोन टू के स्मार्ट आफिसर श्री राकेश ओला , जोन तीन के श्री राहुल माकणीकर , जोन चार से डीसीपी एस चैतन्य , जोन पांच से डीसीपी कृष्णकांत उपाध्याय डीसीपी श्रीमती श्वेता खेड.कर तथा आयुक्तालय के डीसीपी सुहास बाबचे नें अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक में सक्रिय भागीदारी की. क्राइम ब्रांच के डीसीपी संभाजी कदम और एसीपी सोमनाथ बाघचौरे ने नागपुर शहर पुलिस की ओर से इस आयोजन में मेजबान की भूमिका निबाही.

अमरावती से ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और नागपुर में डीसीपी रहे अविनाश कुमार ‍, उपायुक्त अमरावती श्री चिन्मय पंडित, अपुअ. प्रधन्या मेश्राम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सागर बुलढाणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम ध्रुवे यवतमाल से अमर सिंह जाधव नें इस सेमीनार में हिस्सा लिया.

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सेमीनार में म‌‌.प्र‌‌. के एडीजी सीआईडी श्री कैलास मकवाना.

मध्यप्रदेश के गायब ५००० अवयस्क बच्चों में तीन चौथाई बालिकायें. – एडीजी मकवाना

मध्यप्रदेश से गायब लगभग ५००० अवयस्क बच्चों में लगभग १५०० ट्रेस किये जा चुके हैं. शेष गायब अवयस्क बच्चों में तीन चौथाई से अधिक बालिकायें हैं. यह जानकारी मध्यप्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक सी आई डी श्री कैलास मकवाना नें नागपुर शहर पुलिस द्वारा आयोजित अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कही. श्री मकवाना नें कहा कि ये गंभीर बिषय है और मध्यप्रदेश की पुलिस ऐसे गुमशुदा मामलों में अन्य राज्यों खासकर महाराष्ट्र राज्य की पुलिस से जानकारी साझा करेगी. श्री मकवाना ने कहा कि नागपुर के रेडलाईट एरिया गंगा जमुना में अवैद्ध रूप से चलने वाले देह व्यवसाय में शामिल अपराधियों और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों पर पुलिस गंभीरता से काम कर रही है.

श्री मकवाना ने बताया कि मध्यप्रदेश से फरार हुए विभिन्न मामलों के अपराधियों की जानकारी सीमावर्ती राज्य महाराष्ट्र पुलिस से साझा करते रहेंगे. श्री मकवाना ने नक्सल गतिविधियों से जुढे. सवालों को यह कह कर टाल दिया कि नक्सल से संबंधित पुलिस अधिकारी ही इसका बेहतर जबाब दे सकते हैं. श्री मकवाना नें इंदौर खंडवा और बुरहानपुर में अवैद्ध हथियारों पर प्रभावी नियंत्रण किये जाने के राज्य पुलिस के दावे की पुष्टि भी की. उन्होंने अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा परस्पर आसूचनाओं के आदानप्रदान को अपराध नियंत्रण के लिये बहुत महत्वपूर्ण प्रयास निरूपित किया. श्री मकवाना नें कहा कि भविष्य में हमारे समन्वित प्रयासों से ही अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा. उन्होंनें महाराष्ट्र पुलिस बिशेषकर नागपुर पुलिस आयुक्त डा. के वेंकटेशम् द्वारा अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद के दौरान अधिकारियों द्वारा एकत्र की जाने वाली जानकारियों को साझा किये जाने की प्रशंसा की.

हमारी पुलिस नियमित रूप से जानकारिया साझा करती है – डा. जी के पाठक

छिंदवाडा. रेंज के डीआईजी डा जी.के. पाठक नें अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद की बैठक के बाद इस संवाददाता से निजी चर्चा के दौरान बताया कि महाराष्ट्र के अंतर्गत नागपुर पुलिस और म.प्र के अंत्रगत छिंदवाडा. पुलिस के बीच अपराधिक गतिविधियां होने पर सूचनायें देने- लेने की व्यवस्था पहले से है. इस बैठक मे काफी सूचनायें मिलीं जिनके आधार पर पुलिस केन्द्रित होकर कार्रवाई करेगी. उन्होंने नागपुर पुलिस द्वारा आयोजित अंतर्राज्यीय तथा अंर्तजिला अपराध समन्वय परिषद को  अपराधियों के विरूद्ध और विभिन्न मामलों में फरार तथा आदतन अपराधियों के खिलाफ एक समन्वित प्रयास निरूपित किया. उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की पुलिस अन्य राज्यों से सहयोग कर अपराधियों का खात्मा करने में सदैव आगे ही रही है. उन्होंने सेमीनार में भाग लेने वाले सभी वरिष्ठ अधिकारियों तथा सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

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कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे डीसीपी क्राइम संभाजी कदम नें डीसीपी जोन २ को स्मृति चिन्ह भेंट किया.
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डीसीपी क्राइम संभाजी कदम नें डीसीपी श्री राहुल माकणीकर क को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए.
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डीसीपी श्री एस चैतन्य स्मृति चिन्ह प्राप्त करते हुए.
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श्री कदम नें डीसीपी श्रीमती श्वेता खेड‌कर को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए.

 

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सेमीनार के उपरांत आपसी चर्चा का दौर चला. अमरावती एसपी ग्रामीण अविनाश कुमार ‍, वर्धा एस पी निर्मला देवी , चंद्रपुर एसपी नियती ठाकर और भंडारा एसपी विनीता साहू ( सभी भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी )
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श्री संभाजी कदम नें डीसीपी श्रीमती स्मार्तना पाटिल को स्मृति चिन्ह भेंट किया.

 

 

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सेमीनार में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों नें कार्यक्रम के पश्चात स्मृति चित्र खिंचाया.

नीरज ओमप्रकाश श्रीवास्तव की रपट

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