देश की पहली बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट का शिलान्यास गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे ने किया. जापान के सहयोग से मोदी बुलेट ट्रेन के सपने को साकार कर रहे हैं. अहमदाबाद-मुंबई की बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन की नींव रखने के बाद मोदी ने कहा कि भारत को बुलेट ट्रेन मुफ्त में मिलेगी. उन्होंने बाकायदा उस गणित को भी समझाया कि कैसे बुलेट ट्रेन को भारत को एक तरह से मुफ्त में बना रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमें जापान जैसा ऐसा दोस्त मिला है, जो बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए मददगार बना. उन्होंने कहा कि लोग जब लोन लेने बैंकों के पास जाते हैं तो बैंक उन्हें ब्याज की दर 6 या 7 फीसदी बताता है. मोदी ने कहा कि जब आप कुछ खरीदने के लिए बाजार जाते हैं, तो ऐसे में एक-एक पैसे का हिसाब लगाते है. कोई एक बाइक भी खरीदता है तो 10 बैंकों के चक्कर काटता है और अगर कोई बैंक आधा पर्सेंट भी ब्याज दर में कम कर दे तो खुशी होती है. इस बात को गुजरात के लोग बखूबी समझते हैं.

मोदी ने कहा कि लोगों को ऐसे बैंक नहीं मिलते, लेकिन हमें जापान जैसा देश मिला है, जो हमें 88 हजार करोड़ रुपये का लोन और ब्याज महज 0.1 फीसदी के दर पर दे रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि जापान जैसा दोस्त हो तो फिर किसी भी प्रोजेक्ट को साकार करना मुमकिन है. क्या कोई ऐसा दोस्त या बैंक मिल सकता है जो ये कहे कि मुफ्त में लोन ले लो. इतना ही नहीं अगर कोई ये कहे कि बिना ब्याज के ही लोन ले लो और दस-बीस नहीं, बल्कि पचास साल में चुकाओ, तो आप यकीन करेंगे क्या? जापान ने जो लोन दिए हैं, उसे तुंरत वापस भी नहीं करना, बल्कि 15 साल के बाद वापस देने की सिलसिला शुरु करना है.

मोदी ने कहा इस तरह हमारे पास जापान के बुलेट ट्रेन के लिए लिया लोन अदा करने के लिए लंबा वक्त है और ब्जाय दर भी बहुत मामूली है. ये एक तरह का मुफ्त ही है, जिसमें हमारे देश को बिना पैसे की बुलेट ट्रेन मिल जाएगी.

बुलेट ट्रेन परियोजना से देश की पूंजी बचेगी और विदेशी निवेश भी बढ़ेगा. मुंबई-अहमदाबाद हाईस्‍पीड कॉरीडोर से पूरे क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे.

मोदी ने कहा कि भारत एक बड़ी आबादी वाला देश है. जापान की जितनी आबादी है, उतने लोग भारत में हर सप्ताह ट्रेनों का सफर करते हैं. उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट को हम कम समय में पूरा करने का प्रयास करेंगे. हमारे पास स्‍कोप है, जापान के पास स्किल है. जापान के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट से देश की ताकत हजारों गुणा बढ़ेगी. भारत और जापान ने जो ठान लिया है, उसको पूरा करके ही रहेंगे.