स्कूल बसों के चालक और परिचालक बच्चों पर होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिये सतर्कता और जिम्मेदारी अपनायें – इंस्पैक्टर बोंडे

Aनागपुर के सदर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक श्री सुनील बोंडे ने कहा है कि स्कूलों के बस ड्रायवर बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिये सतर्कता के साथ जिम्मेदारी का भाव अपनायें . श्री बोंडे ने नागपुर के जैन इंटरनेशनल स्कूल मे आयोजित एक बिशेष कार्यक्रम में जिसमें जैन इंटरनेशनल स्कूल की बसों के ड्रायवर – कंडक्टर स्कूल मे अशैक्षणिक कार्य में भाग लेने वाली महिलाओं और प्रबंधन के कामकाज से जुडे.कर्मचारियों को अनौपचारिक रूप से संबोधित किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनसे जुडी समस्याओं का गहन अध्ययन कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चत करना था. इस कार्यक्रम में नागपुर के सुपरिचित अधिवक्ता श्री मनीष किरन देशराज नें भी संबोधित किया.

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जैन इंटरनेशनल स्कूल की बसों के चालक और परिचालकों नें श्री बोंडे को ध्यान से सुना.

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 नागपुर शहर में विभिन्न विद्यालयों की लगभग १६७५ बसें विभिन्न पारियों में बच्चों को घर से स्कूल लाने ले जाने के काम करती है. लगभग १४०० से अधिक आटो भी इस कार्य में संलग्न हैं. गुड.गांव के एक विद्यालय में हुई एक बच्चे की नृशंस हत्या के बाद एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं है. इन्हीं चिंताओं के संदर्भ में एडव्होकेट मनीष देशराज नें ऐसे विभिन्न विद्यालयों में जहां बडी संख्या में बच्चों का बस और आटो आदि साधनों से स्कूल आना जाना होता है वहां परिवहन और विद्यालय के अशैक्षणिक कार्यो से जुडे समस्त कर्मचारियों को बच्चों की सुरक्षा से जुडे. पहलुओं पर बिशेष रूप से प्रेरित सूचित और शिक्षित करने के लिये किया. इस अवसर पर  श्री देशराज ने विभिन्न कानूनी पक्षों को बताते हुए बसों के ड्रायवरों और कंडक्टरों से आव्हान किया कि वे सब बच्चों के प्रति बहुत संवेदनशील होकर सोचें और व्यवहार करें. उन्होंने कहा कि वे बच्चों की सुरक्षा और अशक्त महिलाओं को न्याय दिलाने के लिये निशुल्क पैरवी करने कर सहयोग करेंगे. B

इस अवसर पर सदर पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक श्री सुनील बोंडे ने अनौपचारिक रूप से खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि नागपुर पुलिस के एक जिम्मेदार प्रतिनिधि होने के नाते और समाज में आप सबकी तरह एक नागरिक होने के नाते मैं निजी रूप से इस प्रकार के अपराधों से बहुत दुखी महसूस करता हूं और इसीलिये मैंने इस कार्यक्रम मे आकर बस के चालकों और परिचालकों से बात करने की अपनी नैतिक जिम्मेदारी को महसूस किया है.श्री बौंडे ने बस के चालकों परिचालकों को अपनें उद्बोधन में समझाया कि वे सब बच्चों को अपना बच्चा समझकर संवेदनशील रूप से अपनी जिम्मेदारी निभायें. उन्होंने जैन इटरनेशनल स्कूल में अशैक्षणिक कार्य करने वाली महिलाओं को बच्चों के व्यवहार और गतिविधियों पर बिशेष रूप से नजर रखने और अपने काम को बहुत जिम्मेदारी से करने की सलाह दी. पीआई श्री बोंडे ने बहुत सहज रूप से बस के चालको परिचालको और स्टाफ के सदस्यों को अपराधों की रोकथाम के लिये अपनी ओर से हर संभव सहयोग का वादा भी किया. उन्होंने अपने भाषण में बच्चों की सुरक्षा के लिये कानूनी प्रवघानों के अलावा निजी संवेदशील व्यवहार को भी महत्वपूर्ण बताया.

इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल में आने जाने के दौरान बच्चों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये बसों के चालको-परिचालकों को उनके कार्य और व्यवहार में बच्चों के लिये संवेदनशीलता को अभिप्रेरित करना था. इस प्रकार  नागपुर शहर के विभिन्न विद्यालयों में अशैक्षिणिक कार्य से जुडे.कर्मचारियों को प्रेरित कर बच्चों की सुरक्षा के लिये एडव्होकेट श्री मनीष किरन देशराज के कार्यक्रमों की सराहना भी की जा रही है. कार्यक्रम में जैन इंटरनेशनल स्कूल के प्रशासनिक प्रबंधक श्री घनश्याम और उनके सहयोगी स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा.