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आरुषि- हेमराज हत्याकांड में हाईकोर्ट के फ़ैसले को हेमराज का परिवार चुनौती देने की तैयारी में है. हेमराज के परिवार के मुताबिक़ इस मामले में नौ साल के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है. परिवार के मुताबिक सीबीआई अगर सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती नहीं देती है तो वो ख़ुद ही देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने इंसाफ़ की गुहार लगाएंगे.

हेमराज के परिवार के वक़ील नरेश कुमार यादव ने आजतक से ख़ास बातचीत करते हुआ कहा कि, ‘हम पहले कुछ दिन तक इंतज़ार करेंगे कि सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करती है या नहीं, अगर अगले कुछ में नहीं करती है तो हम अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ख़ुद ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

तकनीकी रूप से CBI के पास फ़ैसला आने के दिन से लेकर नब्बे दिन का समय है, जिसके अंदर वो राजेश तलवार और नुपूर तलवार की रिहाई के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जा सकती है, लेकिन अभी तक सीबीआई ने कोई फ़ैसला नहीं लिया है. हेमराज का परिवार नेपाल के एक गांव में ग़रीबी से जूझ रहा है. परिवार में बीमार मां, पत्नी और एक बेटा है. हेमराज की मृत्यु के बाद परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं है, ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद ख़राब है.

परिवार के क़रीबी और नेपाल एकता समाज के सदस्य ठाकुर खनाल की माने तो ‘शुरुआत में जिस तरीक़े से आरुषि और हेमराज के रिश्ते को लेकर नोएडा पुलिस और सीबीआई ने हेमराज का चरित्र हनन किया, उसका ख़ामियाज़ा आज भी परिवार भुगत रहा हैं, लोग हेमराज को बलात्कारी बोलते है जो परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है.’