छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह चौथी बार सत्ता में आने के लिए तंत्र-मंत्र और टोटके का सहारा लेने के मामले में सुर्खियों में हैं. बताया जा रहा है कि वो किसी एक साधक की सलाह के बाद फॉर्मूला 19-04 के फेर में पड़ गए हैं, हालांकि खुद रमन सिंह ने इस तरह की बातों और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ किया कि उन्हें तंत्र मंत्र में कोई भरोसा नहीं है.

रमन सिंह ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगली बार जब गाड़ी लूंगा तो कांग्रेस से पूछ कर गाड़ियों का नंबर तय करूंगा. उनके लिए हर नंबर लकी है. उनके मुताबिक गाड़ियों का नंबर परिवहन विभाग तय करता है वो नहीं. दरअसल राजनैतिक गलियारों में 19-04 के फॉर्मूले को लेकर बहस छिड़ी हुई है. विपक्ष ने इस फॉर्मूले को उन लोगों से जोड़ा है जो मुख्यमंत्री के करीब रह कर तंत्र मंत्र और पूजा पाठ के मामलों में चर्चित रहते हैं.

खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री सचिवायल ने 19 पजेरो गाड़ियां खरीदी हैं और इन सभी गाड़ियों का नंबर 0004 है जिसका तात्पर्य चौथी बार सत्ता में काबिज होना और 19 गाड़ियों का मतलब बतौर मुख्यमंत्री 19 साल पूरे करना है. छत्तीसगढ़ में 2018 में विधानसभा चुनाव होने हैं लिहाजा मुख्यमंत्री रमन सिंह का नया कारों का काफिला चर्चा का विषय बना हुआ है. इसमें शामिल सभी पजेरो गाड़ियां एक ही रंग और एक ही नंबर की हैं. सुरक्षा के लिहाज से ही सही सभी गाड़ियों का नंबर 0004 है. इतना ही नहीं, कहा यह भी जा रहा है कि इन गाड़ियों का रंग काला इसलिए है ताकि किसी भी तरह की नजर से इसे बचाया जा सके.

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सचिवालय के पास ऐसी चमचमाती 19 गाड़ियां हैं. ये सभी गाड़ियां हफ्ते भर पहले ही खरीदी गई हैं. पूजा अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके सहयोगी पूरे लाव लश्कर के साथ इस नए वाहन में सवार हुए हैं. दिन की बेला में एक खास मुहुर्त में गाड़ियों का काफिला मुख्यमंत्री निवास से बाहर की ओर निकला. जिसने भी मुख्यमंत्री रमन सिंह के इस काफिला को पहली बार देखा वो देखता रह गया.

मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुराने काफिले में टाटा सफारी गाड़ियां थीं. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पुराने काफिले को हाल ही में त्यागा है.  एक जानकारी के मुताबिक इस काफिले में शामिल ज्यादातर गाड़ियां 10 साल से भी ज्यादा पुरानी हो गई थी.

एक जैसी तमाम सफारी गाड़ियों में सवार होकर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने लगातार तीसरी बार छत्तीसगढ़ में बीजेपी का परचम लहराया है. साल 2003, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में अपने इसी काफिले पर सवार होकर उन्होंने कांग्रेस को लगातार तीन बार परास्त किया है. मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों के मुताबिक पजेरो गाड़ियां सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा कारगर हैं. मुख्यमंत्री खेमे का भले ही जो भी कहना हो लेकिन नई गाड़ियों के खास नंबर और उनकी संख्या बल को लेकर राजनैतिक गलियारा गर्माया हुआ है. ज्योतिष शास्त्री भी इसे लेकर कई तरह के दावे कर रहे हैं.

19-04 के फॉर्मूले पर क्या कहते हैं ज्योतिष

ज्योतिष शास्त्री गोविंदगिरी गोस्वामी के मुताबिक अंक ज्योतिष पर 13, 04, 22 और 31 ये जो अंक है उसका स्वामी राहु है. जैसा कि 04 है अपने वाहन में ये चतुर भाव से देखा जाता है. कुंडली में ये जो 19 है वो 19 गाड़ियों की संख्या है. देखें तो 9 और एक का मूलांक एक है, जिसका स्वामी सूर्य है. सूर्य जिसका करक ग्रह होता है, जिसका स्वामी होता है,  ऐसे आदमी की विजय पताका कहीं रुकती नहीं है. वो आत्मा का कारक होता. विजय होते सर्वत्र राजा चक्रवती सम्राट के योग बनेगे.

रमन सिंह के पुराने गाड़ियों के काफिले में पहले दर्जन भर गाड़िया थीं. इन सभी गाड़ियों का नंबर 107 था. ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक 107 का मूलांक 08 होता है. यह शनि का अंक होता है इसलिए मुख्यमंत्री रमन सिंह लगातार 14 सालों तक सत्ता में बने हुए हैं. ज्योतिषी का मानना है कि मुख्यमंत्री रमन सिंह की कुंडली में साल 2015 से राहु की अंतर्दशा चल रही है, लेकिन 2018 के शुरुआती महीनों में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे.

मुख्यमंत्री रमन सिंह बीजेपी के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो रिकॉर्ड तोड़ दिनों तक लगातार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे. बतौर मुख्यमंत्री वे 12 दिसंबर को 14 साल पूरे करने वाले हैं. इतने अधिक दिनों तक बीजेपी में कोई भी लगातार मुख्यमंत्री नहीं रहा. बताया जा रहा है कि 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में चौथी बार बाजी मारने के लिए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कमर कस ली है. साम, दाम, दंड, भेद में पारंगत रमन सिंह के इस दांव को देखकर कांग्रेस तिलमिला उठी है. उसे 19-04 के फॉर्मूले से अपने अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

कांग्रेस महासचिव रमेश वर्ल्यानी के मुताबिक एक तांत्रिक के कहने पर नई गाड़ियां खरीदी गई हैं. उनके मुताबिक तांत्रिक ने कहा है कि चार नंबर रखने से चौथी पारी भी बीजेपी जीतेगी. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि चौथी पारी काम से मिलेगी ना कि नंबर गेम से. इसके लिए ही 19 -04 के योग को सिद्ध किया जा रहा है. उधर विपक्ष के तमाम आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह का काफिला प्रदेश की नब्ज टटोलने में जुटा है. शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक यह काफिला फर्राटे से दौड़ रहा है. कारण जो भी हो लेकिन अपने इस नए काफिले को लेकर मुख्यमंत्री रमन सिंह विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं, हालांकि राज्य में एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो मुख्यमंत्री के नए काफिले को देख कर अच्छा महसूस कर रहा है.