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नई दिल्ली। सरकार ने सभी नौकरशाहों से आगामी 31 जनवरी तक उनकी अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा है। ब्यौरा नहीं देने वाले अधिकारियों को प्रोन्नति और विदेशों में पोस्टिंग के लिए अनिवार्य निगरानी अनापत्ति नहीं मिलेगी।

केन्द्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्र सरकार के सभी विभागों तथा मंत्रालयों के सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों को 31 जनवरी, 2018 तक अपनी अचल संपत्तियों का ब्यौरा देना होगा।
यह पत्र विभाग के अतिरिक्त सचिव प्रदीप कुमार त्रिपाठी की ओर से 22 दिसंबर को जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक यह ब्यौरा नहीं दिया गया तो अधिकारियों को जरूरी विजिलेंस क्लियरेंस नहीं दिया जाएगा।

 संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए एक आईपीआर ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया है। अधिकारियों के पास 31 जनवरी तक ऑनलाइन मॉड्यूल में आईपीआर की हार्ड कॉपी अपलोड करने का विकल्प भी है।