padmawati

सेंसर बोर्ड ने विवादों में घिरी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की रिलीज़ पर जारी गतिरोध को ख़त्म करने के लिए एडवाइजरी पैनल की सहायता से फिल्म का नाम बदलने और 26 कट्स लगाने का सुझाव देते हुए फिल्म को यू/ ए सर्टिफिकेट के साथ पास करने का निर्णय किया है।

बोर्ड ने पद्मावती का नाम पद्मावत करने , फिल्म के गाने ‘घूमर’ में बदलाव करने और फिल्म की कहानी को काल्पनिक बताये जाने के साथ डिस्क्लेमर दिए जाने के शर्त पर अमल किये जाने के बाद फिल्म की रिलीज़ को मंजूरी देने का फ़ैसला किया है।संजय लीला भंसाली की तरफ़ से अब तक इस बारे में किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। समाचार एजेंसी ए एन आई की जानकारी के मुताबिक सेंसर के दिए गए सुझावों को मान लिए जाने के बाद बोर्ड सर्टिफिकेट जारी कर देगा। जानकारी के मुताबिक सेंसर ने फिल्म देखने के बाद सोसाइटी और मेकर्स की सोच को ध्यान में रख कर संतुलित तरीके से अपना फ़ैसला लिया है। इस फिल्म में रानी पद्मिनी के गलत चरित्र चित्रण किये जाने के विरोध में देश भर में विरोध हो रहा है और इसी कारण फिल्म की रिलीज़ को एक दिसंबर से अनिश्चितकालीन समय के लिए टाल दिया गया था। हाल ही में फिल्म की रिलीज़ के गतिरोध को दूर करने के लिए एक स्पेशल पैनल बनाया गया था, जिसने वस्तुस्थिति की समीक्षा की है। इस पैनल ने फिल्म के ऐतिहासिक तथ्यों पर भी गौर किया और इस बात पर भी कि भंसाली बार बार ये कह रहे हैं कि पद्मावती सिर्फ़ एक हद तक ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। बोर्ड की 28 दिसंबर को बैठक हुई थी, जिसमें रिव्यू कमिटी के कुछ सुझावों को भी माना गया है।