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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इस देश ने हमें झूठ और फरेब के सिवाय कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पिछले 15 वर्षों से वह हमसे 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद ले चुका है लेकिन अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देने में किया है। ऐसे देश को अब और आर्थिक मदद नहीं दी जा सकती।
 नए साल के पहले दिन अपने पहले ट्वीट में पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि पाकिस्तान को विदेशी आर्थिक मदद रोकी जा सकती है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अमेरिका पिछले 15 वर्षों से मूर्खतापूर्ण तरीके से पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर (लगभग 2145 अरब रुपये) से अधिक की आर्थिक मदद दे चुका है।

वह हमारे शासकों को बेवकूफ समझता रहा है। आतंकियों को ढूंढ निकालने के लिए हम अफगानिस्तान की खाक छानते रहे और पाकिस्तान हमारी मदद करने के बजाय उन्हें सुरक्षित पनाहगाह देता रहा। लेकिन अब और नहीं होगा।’ ट्वीट के जरिये ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती शासकों पर भी निशाना साधा है।

ट्रंप की यह टिप्पणी न्यूयॉर्क टाइम्स की उस खबर के बाद ही आई है जिसमें कहा गया था कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के ढुलमुल रवैये को देखते हुए अमेरिका उसे 22.50 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता रोक सकता है। अगस्त में अपनी नई दक्षिण एशिया नीति शुरू करते हुए ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ अधिक सख्त कदम उठाने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में यदि वह अमेरिका का साथ नहीं देता है तो उसकी आर्थिक मदद रोकने के साथ ही उस पर कई और प्रतिबंध लगाए जाएंगे।