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नई दिल्ली: दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी के अंदर उपजा मतभेद गहराता जा रहा है। राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी में असंतोष बढ़ता ही जा रहा है। अब यह लड़ाई घर के बाहर आ चुकी है। हालांकि इस मामले में अभी भी अरविंद केजरीवाल मौन साधे हुए हैं, लेकिन सरकार के मंत्री और वरिष्ठ नेता आमने-सामने आरोप और प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

कारोबारियों सुशील व नारायणदास गुप्ता को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित करने के बाद आम आदमी पार्टी में घमासान बढ़ता जा रहा है। कई कार्यकत्र्ता खुलकर उनके विरोध में आ रहे हैं जिससे लग रहा है कि पार्टी टूट की ओर बढ़ रही है। वह अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछ रहे हैं कि कारोबारियों को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जाना किस तरह से पार्टी के हित में है और पार्टी के लिए उनका क्या योगदान है? इन सवालों पर केजरीवाल मौन हैं। वहीं गुरुवार को गोपाल राय ने कुमार विश्वास पर सीधे प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद केजरीवाल की सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचने के केंद्र में कुमार विश्वास थे। सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में पार्टी के अंदर बड़ा बवाल हो सकता है। पार्टी के विघटन की आशंका भी जताई जा रही है।

उलटा पड़ा केजरीवाल का दाव
2 कारोबारियों को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल के गले की फांस बनता जा रहा है। केजरीवाल पार्टी के बाहर के लोगों के सीधे निशाने पर हैं ही, पार्टी के अंदर भी उनके इस फैसले को लेकर असंतोष है। उन लोगों को नजरअंदाज किए जाने से भी कार्यकत्र्ता नाराज हैं जिन्होंने पार्टी को खड़ा करने में अपना सब कुछ लगा दिया।