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नई दिल्ली। कैब ( सेंट्रल एडवायजरी बोर्ड आफ एजुकेशन) की उप समिति के सुझावों पर यदि अमल किया गया, तो देश में जल्द ही लड़कियों की पोस्ट ग्रेजुएट तक की पढ़ाई मुफ्त हो जाएगी।

इसके साथ ही शिक्षा के अधिकार (आरटीई) का दायरा भी बढ़कर नर्सरी से कक्षा 12 तक हो जाएगा। अभी तक आरटीई के दायरे में कक्षा एक से आठ तक की ही शिक्षा को रखा गया है। कैब की 15 और 16 जनवरी को होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय होगा।

कैब की दिल्ली में होने वाली इस बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर सहित देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री हिस्सा लेंगे। इस दौरान कैब की सभी उप समितियां अपनी सिफारिशें भी रखेगी।

इसे सभी राज्यों से चर्चा के बाद मंजूरी दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग मुद्दों को लेकर उप समितियों की दो अलग-अलग बैठकें हैदराबाद और दिल्ली में हुई है। जिसमें यह फैसला लिया है। दोनों ही उप समितियों में करीब छह-छह राज्यों की भागीदारी है।

समिति ने इस दौरान लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्यों में महिला विश्वविद्यालय खोलने का भी प्रस्ताव दिया है।

सरकार भी इस दौरान अपनी ओर से राज्यों के साथ चर्चा करेगी। इस दौरान जिन मुद्दों पर सरकार का फोकस रहेगा, उनमें शिक्षा की गुणवत्ता और जबावदेही तय करने जैसे प्रमुख विषय रहेंगे।

सरकार के एजेंडे में इसके अलावा जो विषय है, उनमें नई शिक्षा नीति, डिजिटल और आन लाइन शिक्षा को बढ़ावा देना, स्वच्छ भारत, उन्नत भारत पर भी चर्चा होगी। सूत्रों की मानें तो बैठक में आईटीई लागू होने के बाद से अब तक के परिणामों की भी चर्चा होगी। वहीं इसके दायरे को बढ़ाने की शुरुआत नर्सरी से करने का सुझाव दिया गया है।