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नई दिल्ली.इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को 6 दिन के दौरे पर भारत आए। नरेंद्र मोदी ने नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा के लिए डिनर होस्ट किया। इससे पहले मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे। मोदी ने गर्मजोशी से गले मिलकर नेतन्याहू की आगवानी की। फिर दोनों नेता दिल्ली के तीन मूर्ति-हाइफा चौक पहुंचे और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। भारत-इजरायल की दोस्ती को समर्पित चौक के नए नाम में हाइफा (इजरायली शहर) शब्द जोड़ा गया। इसके बाद नेतन्याहू ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। गर्मजोशी से स्वागत के लिए इजरायल के पीएम ने नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया। सोमवार को हैदराबाद हाउस में दोनों प्रधानमंत्रियों की मीटिंग होगी।

खुद नरेंद्र मोदी ने की अगवानी

– नेतन्याहू की अगवानी के लिए नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने मेहमान प्रधानमंत्री को गले लगाकर स्वागत किया। नेतन्याहू की पत्नी सारा भी दौरे पर आई हैं।

– इसके बाद दोनों नेता दिल्ली के तीन मूर्ति-हाइफा चौक पहुंचे। इस चौक के नए नाम में इजरायल के शहर हाइफा का नाम जोड़ा गया है। मोदी-नेतन्याहू ने यहां शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और विजिटर्स बुक में साइन किए।

– तीन मूर्ति मेमोरियल पर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत और फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर भी मौजूद रहे थे।

मोदी ने विजिटर्स बुक में क्या लिखा?

– तीन मूर्ति मेमोरियल की विजिटर्स बुक में नरेंद्र मोदी ने लिखा, ”यह विश्व युद्ध- 1 खत्म होने की 100वीं बरसी है। इसके इतिहास में भारतीय सैनिकों के बलिदान को लेकर कई स्वर्णिम पन्ने लिखे गए। करीब 100 साल पहले हाइफा में सैनिकों ने बलिदान दिया। इन्हीं के शौर्य को याद करने के लिए तीन मूर्ति बना था।”
– ”आज इसे नया नाम मिला- तीन मूर्ति हाइफा चौक। इस एतिहासिक मौके पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी मौजूद रहे। हमने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और भारत की नि:स्वार्थ बलिदान की महान परंपरा को नमन किया।”

मोदी के स्वागत के लिए शुक्रिया: इजरायली PM

– नेतन्याहू ने ट्वीट कर कहा, ”मेरे सबसे अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया। उन्होंने भारत पहुंचने पर पर्सनली एयरपोर्ट आकर मुझे चौंका दिया। हम साथ-साथ दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”

क्यों अहम है नेतन्याहू का दौरा?

– यह 15 साल में किसी इजरायली पीएम का दौरा है। इससे पहले 2003 में पीएम एरियल शेरॉन भारत आए थे। नेतन्याहू का यह दौरा भारत-इजरायल की दोस्ती के लिहाज से अहम है, क्योंकि यूएन में भारत ने येरूशलम को राजधानी घोषित करने के खिलाफ वोट किया था।

445 करोड़ की मिसाइल डील होगी

– नेतन्याहू आगरा, अहमदाबाद और मुंबई भी जाएंगे। वह अपने साथ सबसे बड़ा डेलिगेशन लेकर भारत आ रहे हैं। इनमें 130 बिजनेसमैन हैं।
– इस दौरे पर भारत, इजरायल के बीच 445 करोड़ रु. के जमीन से हवा में मार करने वाली 131 मिसाइलों समेत अन्य समझौते होंगे।

करार: 3181 करोड़ रु. की एंटी टैंक मिसाइल डील हो सकती है

– कुछ दिन पहले भारत ने इजरायल के साथ 3181 करोड़ रु. की एंटी टैंक स्पाइक मिसाइल डील और रॉफेल वेपंस डील निरस्त कर दी थी।
– हालांकि अब कहा जा रहा है नेतन्याहू, मोदी के साथ इस डील को दोबारा कन्फर्म कर सकते हैं। इसके तहत इजरायल, भारत को 8,000 एंटी टैंक स्पाइक मिसाइल देगा।

बिजनेस: भारत हर साल इजरायल से 6400 करोड़ के हथियार लेता है

– दोनों देशों के रक्षा, कृषि, साइबर सिक्युरिटी, मेडिसिन, सिनेमा, जल, रक्षा, फूड इंडस्ट्री, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, व्यापार आदि क्षेत्रों में नए समझौते हो सकते हैं।
– भारत और इजरायल के बीच हर साल करीब 25,452 करोड़ रु. का कारोबार होता है। भारत हर साल करीब 6400 करोड़ रु. के हथियार इजरायल से खरीदता है।

मदद: भारत को पाक सीमा पर चौकसी के लिए स्मार्ट बाड़ देगा

– भारत ने पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान सीमा पर स्मार्ट बाड़ लगाने का फैसला किया था। इस स्मार्ट बाड़ की टेक्नोलॉजी इजरायल, भारत को दे रहा है।
– स्मार्ट बाड़ इजरायल ने अरब देशों के साथ लगती अपनी 200 किमी की सीमा पर लगा रखी है। वह हवा में खतरे की वॉर्निंग एंड कंट्रोल करने वाला सिस्टम अवाक्स दे रहा है।

दोस्ती: भारत-इजरायल रिश्तों के 25 साल

– 2017 में भारत-इजरायल की दोस्ती को 25 साल पूरे हो गए। दोनों देशों ने इसे सेलिब्रेट किया। पीएम मोदी इजरायल गए। वे इजरायल जाने वाले पहले पीएम थे।
– नेतन्याहू का यह दौरा भी इस दोस्ती को केंद्र में रखकर हो रहा है। यह दोस्ती 1999 में परवान चढ़ी, जब करगिल जंग के दौरान इजरायल ने भारत को सिर्फ एक बार कहने पर लेजर गाइडेड बम और मानवरहित प्लेन मुहैया कराया था। बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी दिया।