राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों और उनके एजेंडे को सभी के सामने लगा. अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने एक साथ चुनाव करवाने पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास पर असर पड़ता है. पढ़ें राष्ट्रपति का पूरा अभिभाषण… 

बजट सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सभी देशवासियों को त्योहारों और गणतंत्र दिवस की बधाई दी. उन्होंने आसियान देशों के प्रमुखों की उपस्थिति की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार सामाजिक और आर्थिक परिस्थिति को मजबूत करने का काम कर रही है. राष्ट्रपति ने कहा कि शौचालयों को बनाकर सरकार लोगों की सहायता कर रही है, 2019 तक स्वच्छ भारत बनाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए तत्पर.

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा

बजट सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि सरकार ने संसद में तीन तलाक बिल पेश किया, जल्द ही इसे कानून भी बनाया जाएगा. देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का दायरा बढ़ रहा है. सरकार गरीबों की पीढ़ा को दूर करने की कोशिश कर रही है, 640 जिलों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की योजना चल रही है.

किसानों की आय दोगुना करना सरकार का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि सरकार का जोर किसानों की आय को दोगुना करने का है. दाल के उत्पादन में 38 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हुई है. 99 सिंचाई परियोजना को पूरा करना सरकार का लक्ष्य है, अनाज की बर्बादी को रोकने के लिए सरकार ने योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में यूरिया का उत्पादन बढ़ा है. जनधन योजना के तहत करीब 31 करोड़ बैंक खाते खोल दिए गए हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि अटल पेंशन योजना के तहत 80 लाख वरिष्ठ नागरिक की सेवा की जा रही है. हमने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की, अब किसानों के लिए बीमा करवाना आसान किया. सरकार सस्ती दरों में डिजिटल सेवा दे रही है, 2.5 लाख गांवों को डिजिटल बनाया जा रहा है.

राष्ट्रपति बोले कि हमारा लक्ष्य 2019 तक हर गांव को सड़क से जोड़ने का है. सौभाग्य योजना से 4 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई है. अब तक 82 फीसदी गांवों को सड़क से जोड़ा जा चुका है.

हमारे देश में 2.5 करोड़ से अधिक दिव्यांग हैं, इनके लिए सरकार लगातार काम कर रही है. सरकारी नौकरी में 4 फीसदी, उच्च शिक्षा में 5 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है.

तुष्टिकरण नहीं सशक्तिकरण पर जोर

राष्ट्रपति ने कहा कि तुष्टिकरण नहीं सशक्तिकरण के तहत अल्पसंख्यकों के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. सीखो और कमाओ, उस्ताद जैसी कई योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है. पहली बार मेहरम के नियम को बदला गया है, इसके तहत अब 45+ उम्र की महिला बिना किसी पुरुष साथी के हज पर जा सकती है.

गरीब को घर देना सरकार का लक्ष्य

पिछले साढ़े तीन वर्षों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में 93 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है. ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी’ के अंतर्गत गरीबों को घर बनाने के लिए ब्याज दर में 6 प्रतिशत की राहत दी जा रही है. सभी के सिर पर छत हो, और उसे पानी-बिजली-शौचालय की सुविधा मिले, इस संवेदनशील सोच के साथ मेरी सरकार देश के हर आवासहीन गरीब परिवार को वर्ष 2022 तक घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है. पिछले एक साल में 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फेलोशिप, कौशल विकास और कोचिंग स्कीमों का लाभ दिया गया है.

नई स्वास्थ्य नीति पर जोर

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर और सस्ती सुविधा के लिए नई ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति’ बनाई है. ‘प्रधानमंत्री जन औषधि’ केन्द्रों के माध्यम से गरीबों को 800 तरह की दवाइयां सस्ती दरों पर दी जा रही हैं. इन केन्द्रों की संख्या 3,000 के पार पहुंच चुकी है.

राष्ट्रपति बोले कि ‘दीनदयाल अमृत योजना’ के तहत 111 आउटलेट के माध्यम से 5,200 से अधिक जीवन-रक्षक ब्रांडेड दवाओं तथा सर्जिकल इम्प्लांट्स पर 60 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक की रियायत दी जा रही है. डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एमबीबीएस की 13 हजार सीटें तथा पोस्ट ग्रैजुएट की 7,000 से अधिक सीटें मंजूर की गई हैं. चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने लोक सभा में ‘राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक’ भी प्रस्तुत किया है. 

उच्च शिक्षा पर दिया ध्यान

अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार द्वारा ‘अटल इनोवेशन मिशन’ के तहत 2,400 से ज्यादा ‘अटल टिन्करिन्ग लैब्स’ को स्वीकृति दी जा चुकी है ताकि बच्चों में छोटी उम्र से ही उद्यमिता और रचनात्मकता की नींव डाली जा सके. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने देश में उच्च शिक्षण संस्थाओं की समस्त परीक्षाओं के आयोजन के लिए एक स्वायत्त परीक्षा संगठन, ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ के गठन को मंजूरी दी है.

राष्ट्रपति बोले कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सक्रिय मेरी सरकार देश में 20 ‘इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेन्स’ बनाने पर काम कर रही है. इस मिशन के तहत चुने हुए शिक्षण संस्थानों को 10,000 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी.

युवाओं के विकास पर दे रहे हैं ध्यान

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हमारा देश, दुनिया का सबसे युवा देश है. देश के युवा अपने सपने पूरे कर सकें, स्वरोजगार कर सकें, इसके लिए मेरी सरकार स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन, मुद्रा योजना जैसे कार्यक्रम चला रही है. उन्होंने कहा कि जो उद्योग या कंपनियां नौकरियों के नए अवसर सृजित कर रही हैं उन्हें ‘प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना’ के तहत आर्थिक मदद दी जा रही है. इसके तहत अभी तक 20 लाख से ज्यादा लाभार्थी इस योजना से सहायता प्राप्त कर चुके हैं.

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है. श्रम कानूनों के पालन के लिए रजिस्टर की संख्या 56 से घटाकर 5 कर दी गई है. अब श्रम सुविधा पोर्टल पर सभी रिटर्न ऑनलाइन भरे जाते हैं.

कुंभ मेले को मिली नई पहचान

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी के लिए गौरव की बात है कि कुंभ-मेले को यूनेस्को ने ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ की सूची में शामिल किया है. अहमदाबाद को यूनेस्को ने भारत की पहली ‘हेरिटेज सिटी’ का दर्जा दिया है. चेन्नई को क्रिएटिव सिटीज की सूची में यूनेस्को ने स्थान दिया है.

उन्होंने कहा कि भारत का महत्त्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम, राष्ट्रीय विकास तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नित नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. दुनिया में पहली बार ISRO ने एक बार में 104 सैटेलाइटों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया.

डिजिटल साक्षरता को बढ़ा रहे हैं

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान’ के अंतर्गत मेरी सरकार विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम चला रही है. इस कार्यक्रम के तहत अभी तक एक करोड़ लोगों को डिजिटल रूप में साक्षर कर दिया गया है. डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने में ‘भीम App’ बड़ी भूमिका निभा रहा है. हाल ही में लॉन्च किए गए ‘उमंग App’ द्वारा 100 से ज़्यादा जनसुविधाओं को मोबाइल पर उपलब्ध कराया गया है.

आधार की तारीफ

राष्ट्रपति ने कहा कि आधार द्वारा गरीब लाभार्थियों को उन्हें मिलने वाली सुविधाएं, बिना बिचौलियों के, सीधे पहुंच रहीं हैं. वर्तमान सरकार की 400 से अधिक योजनाओं में डिजिटल भुगतान किया जा रहा है. अब तक 57,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि गलत हाथों में जाने से बचाई गई है.

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में सराहनीय प्रयासों के कारण अब देश में 113 मोबाइल कंपनियां कार्यरत हैं, जिनकी संख्या 2014 में मात्र 2 थी. इससे देश के छोटे शहरों में भी हमारे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं.

शुरू हो गया है बुलेट ट्रेन का काम

रेलवे के बारे में राष्ट्रपति ने कहा कि रेलवे में क्षमता विकास और आधुनिकीकरण के लिए निवेश में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है. मेरी सरकार विश्वस्तरीय रेल सेवाओं के लिए वचनबद्ध है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड बुलेट ट्रेन का कार्य भी प्रारंभ हो गया है. मेरी सरकार ने मेट्रो परियोजनाओं के लिए भी एक नई नीति बनाई है. नई नीति में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ पर जोर दिया गया है. देश में, अभी 11 शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

सड़क मार्गों को दे रहे हैं बढ़ावा

सरकार ने राजमार्ग क्षेत्र के एक नए वृहद कार्यक्रम ‘भारतमाला’ को स्वीकृति दी है. इसके लिए 535,000 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है. नेशनल कॉरिडोर एफिशिएंसी में वृद्धि करने के लिए लगभग 53,000 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग चिन्हित किए गए हैं.

छोटे शहरों में उड़ानों को बढ़ावा

राष्ट्रपति ने कहा कि देश के छोटे शहर हवाई मार्ग से जुड़ सकें और निम्न मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग और युवा कम खर्च पर, आसानी से हवाई यात्रा का लाभ उठा सकें, इसके लिए ‘उड़े देश का आम नागरिक’ यानी, ‘उड़ान’ योजना शुरू की गई है. स्वतंत्रता के बाद देश में जहां केवल 76 हवाई अड्डे ही वाणिज्यिक उड़ानों से जुड़े थे वहीं ‘उड़ान’ योजना के मात्र 15 महीनों में 56 हवाई अड्डों और 31 हेलीपैडों को जोड़ने के लिए कार्य शुरू किया गया है. अब तक 16 ऐसे हवाई अड्डों से उड़ानें शुरू भी हो चुकी हैं.

बिजली क्षमता में हुई बढ़ोतरी

उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा अवसर आया है जब देश में बिजली क्षमता के विस्तार में लक्ष्य से अधिक बढ़ोतरी हुई है. अब भारत बिजली का नेट एक्सपोर्टर बन गया है, 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाने का कार्य भी पूर्णता की तरफ बढ़ रहा है. मेरी सरकार ने ‘वन नेशन वन ग्रिड’ का कार्य पूरा करके राज्यों को सस्ती दरों पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की है. देश के प्रत्येक गांव तथा कस्बे में विद्युत वितरण व्यवस्था मज़बूत करने के लिए लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की योजनाएं लागू की गई हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘उजाला योजना’ के अंतर्गत देश में 28 करोड़ से ज्यादा LED बल्ब वितरित किए जा चुके हैं. निजी क्षेत्र द्वारा भी 50 करोड़ से ज्यादा LED बल्ब की बिक्री की गई है. इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली बिल में सालाना 40,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत हो रही है.

सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड उत्पादन

उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के साथ ही देश में प्रतिवर्ष 10,000 करोड़ यूनिट बिजली की बचत भी हो रही है. पिछले तीन वर्षों में सौर ऊर्जा के उत्पादन में 7 गुना वृद्धि हुई है. भारत के प्रयास से अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन एक विधायी निकाय बन चुका है. इसका मुख्यालय भारत में ही स्थापित किया गया है.

राष्ट्रपति बोले कि देश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास का लाभ पहुंचाने की दृष्टि के साथ, मेरी सरकार उत्तर-पूर्व के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है. पिछले तीन वर्षों में, पूर्वोत्तर राज्यों में विद्युत प्रसारण एवं वितरण नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की है.

उत्तर पूर्व के विकास पर सरकार ने दिया ध्यान

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार द्वारा उत्तर-पूर्व में संपर्क मार्ग बढ़ाने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. पिछले वर्ष देश के सबसे लंबे नदी पुल, ढोला-सादिया, को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है. इस पुल ने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच की दूरी 165 किलोमीटर कम कर दी है. राष्ट्रपति ने कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के नियमित प्रयासों के कारण, देश की आंतरिक सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. पूर्वोत्तर में, सुरक्षा स्थिति में भी बदलाव आया है. नक्सली-माओवादी हिंसा की घटनाओं में भी कमी आई है.

राष्ट्रपति बोले कि इसके लिए इन क्षेत्रों के जागरूक निवासी और हमारे सैन्य, अर्ध सैन्यबल और हमारे पुलिस बल बधाई के पात्र हैं.  हम अपने उन सभी प्रहरियों की सराहना करते हैं और जो शहीद हुए हैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.

डिफेंस सेक्टर में नई नीति

राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप से संबंधित नीति को भी अंतिम रूप दे दिया गया है. इससे प्रमुख डिफेंस प्लेटफॉर्म्स और इक्विपमेंट्स के निर्माण में निजी क्षेत्र की अधिक से अधिक भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.

मानवता की सेवा के लिए तत्पर है भारत

उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा, भारत की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग रहा है. चाहे नेपाल में भूकंप हो या श्रीलंका में बाढ़ की आपदा, या मालद्वीप में पेयजल का संकट, इन्हीं मूल्यों के कारण भारत हमेशा फर्स्ट रेस्पॉन्डर के रूप में उपस्थित रहा है. राष्ट्रपति बोले कि आज विश्व के किसी भी कोने में बसे सभी भारतीयों को यह भरोसा है कि वे कहीं भी संकट में पड़ेंगे तो उनकी सरकार उन्हें सुरक्षित निकालकर स्वदेश वापस ले आएगी. वर्ष 2014 के बाद से विदेश में संकट में फंसे 90,000 से अधिक भारतीयों को वापस लाया गया है.

विदेश में बड़ा देश का मान

विदेश नीति की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के राजनयिक प्रयासों के कारण, विश्व में भारत को नया सम्मान मिला है. International Tribunal for the Law of the Sea, International Maritime Organisation और Economic and Social Council में भारत को प्रतिनिधित्व मिला है. ICJ के चुनाव में भारत ने सफलता पाई.

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष Missile Technology Control Regime में शामिल होने के पश्चात् भारत को इस वर्ष Wassenar Arrangement और Australia Group में भी सदस्य के रूप मे शामिल किया गया है. यह सफलता लंबी जद्दोजहद के बाद मिली है और मेरी सरकार की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संसद भवन में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने स्वागत किया.

News Source – aajtak.intoday