राज्‍य स्‍तरीय सेमीनार का प्रमुख सचिव ने किया शुभारंभ

संवेदनशील होकर मनसा-वाचा-कर्मणा से कमजोर वर्गों के हितों का करें संरक्षण-प्रमुख सचिव श्री मिश्रा

 भोपाल,5 फरवरी । आर.सी.वी.पी. नरोन्‍हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति विकास श्री एस.एन. मिश्रा द्वारा राज्‍य स्‍तरीय दो दिवसीय सेमीनार का शुभारम्‍भ किया गया। श्री एस.एन.मिश्रा ने प्रदेश के सभी जिलों से आये प्रतिभागी अधिकारियों (एस.पी.एवं डी.एस.पी.,अजाक) से कहा कि संवेदनशील होकर मनसा-वाचा-कर्मणा से कमजोर वर्गों के हितों का संरक्षण करें। जिस तरह से परिवार के कमजोर बच्‍चे की खास देख-रेख की जाती है ठीक उसी प्रकार समाज के कमजोर वर्गों के हितों के संरक्षण के लिये संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ प्रथम प्राथमिकता के आधार पर कानूनों का उचित क्रियान्वयन करना चाहिये। शासन द्वारा कमजोर वर्गों की रोटी, कपड़ा, मकान, दवाई एवं शिक्षा जैसी आधारभूत जरूरतों की पूर्ति के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्‍होंने कहा कि‍ आप लोग कमजोर वर्गों के हितों के संरक्षण एवं स्थिति में परिवर्तन करने के लिए उत्‍प्रेरक बन सकते हैं। जाली प्रमाण-पत्र के आधार पर कमजोर वर्गों के अधिकारों का हनन करने वाले लोगों पर त्‍वरित एवं सख्‍त कार्यवाही करें। संसाधन एवं सुविधाओं की कमी के चलते ही कोई वर्ग अपराध की और उन्‍मुख होता है अत:  शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ शत् प्रतिशत लोगों तक पहुँचायें।

            आयुक्‍त आदिवासी विकास विभाग श्री आनंद शर्मा ने प्रतिभागियों से कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी कमजोर वर्गों की स्थिति आज भी ज्‍यादा अच्‍छी नहीं है। कमजोर वर्गों के अधिकार संरक्षण की आप महत्‍वपूर्ण कड़ी हैं अत: कमजोर वर्गों के हितों के संरक्षण हेतु प्राथमिकता के आधार पर कारगर प्रयास करें।  इस अवसर पर विशेष अतिथि अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक, महिला अपराध शाखा श्रीमती अरूणा मोहन राव ने कहा कि  कमजोर वर्गों के अधिकारों के संरक्षण के लिये किये जाने वाले प्रयासों एवं व्‍यवस्‍थाओं के लिहाज से मध्‍यप्रदेश अन्‍य राज्‍यों के लिये अनुकरणीय है परंतु इन वर्गों को समानता एवं सम्‍मान से जीने का हक दिलाने के लिये और अधिक कारगर प्रयासों की जरूरत है इस काम को म‍हत्‍व देते हुए गर्व के साथ प्राथमिकता के आधार पर करें। शासन प्रशासन द्वारा कमजोर वर्गों के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही है, एवं कई सुविधाएं दी जा रही हैं। संवेदनशील एवं दक्ष होकर कार्य करने की जरूरत है।

         अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक, अजाक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव ने प्रतिभागी अधिकारियों से कहा कि कमजोर वर्गों के हितों का संरक्षण करने के लिये उचित तरीके से कानूनों का  क्रियान्वयन होना चाहिये हमारी नियत किसी की  नियती बदल सकती है। वैधानिक रूप से मदद की नियत से कार्य करें तथा कानून के माध्‍यम से संवेदनशीलता प्रकट करें।उप पुलिस महानिरीक्षक अजाक श्री डॉ एम.एस. सिकरवार ने सेमीनार की भूमिका एवं उददेश्‍यों के संबंध में जानकारी दी।

 विधि अधिकारी अजाक पुलिस मुख्‍यालय श्री विजय बंसल द्वारा ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधित अधिनियम-2015’ की जानकारी दी गई। सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन श्री एस.के. खरे ‘अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम संबंधी मामलों में अभियोजन की चुनौतियाँ एवं समाधान’ पर व्याख्यान दिया। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री एस.एन. चौधरी ने ‘भारतीय समाज में अस्पृश्यता का इतिहास तथा प्रभाव एवं इसे दूर करने की दिशा में किये गये सामाजिक प्रयास’ पर व्याख्यान दिया। इसके बाद पैनल डिस्कशन हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह भदौरिया द्वारा ‘प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने में होने वाली त्रुटियाँ तथा प्रकरण के निराकरण पर पढ़ने वाले प्रभाव’ की जानकारी दी गई। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (अजाक) श्री अमृत मीणा द्वारा प्रतिभागियों से फीडबेक एवं सुझाव लिये गये। उप महानिरीक्षक (अजाक) पुलिस मुख्यालय भोपाल डॉ. एम.एस. सिकरवार की उपस्थिति में विवेचना और पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये गये। प्रतिभागियों ने सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए व्‍याख्‍याताओं एवं विशेषज्ञों से प्रश्‍न किये एवं शंकाओं का समाधान किया।    द्वितीय दिवस 4 फरवरी को मुख्य अतिथि, न्यायमूर्ति श्री राकेश सक्सेना, चेयरमेन मध्यप्रदेश स्टेट उपभोक्ता आयोग की उपस्थिति में सुबह 10.30 बजे सेमीनार प्रारंभ होगा। पूर्वान्ह 11.15 से 12 बजे तक न्यायमूर्ति श्री राकेश सक्सेना द्वारा ‘फरियादी एवं साक्षियों का पक्ष विरोधी होना अभियोजन में सबसे बड़ी बाधा है’ पर जानकारी दी । दोपहर 12 से 12.45 तक उच्च न्यायालय इंदौर खण्डपीठ के अधिवक्ता श्री अनिल त्रिवेदी द्वारा ‘भारतीय समाज में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का समाज पर प्रभाव’ व्याख्यान दिया । दोपहर 12.45 से 1.30 बजे तक पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेन्ट एण्ड रिसर्च, पीपुल्स यूनिवर्सिटी भोपाल की प्रोफेसर डॉ. असमा रिजवान द्वारा ‘त्वरित गति से बदलते समाज में पुलिस की चुनौतियाँ: सामाजिक बहिष्कार एवं जाति के आधार पर होने वाले अत्याचार के विशेष संदर्भ में’ व्याख्यान दिया जाएगा। दोपहर 1.30 से 2 बजे तक पैनल चर्चा होगी। दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अजाक) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव डाक्यूमेन्ट्री प्रस्तुत करेंगी। अपरान्ह 3.30 से 4 बजे तक सहायक पुलिस महानिरीक्षक (अजाक) श्री अमृत मीणा द्वारा फीडबेक एवं सुझाव लिये  सेमीनार का समापन शाम 4 से 5 बजे की अवधि में महाधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर श्री पुरूषेन्द्र कौरव तथा पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला की उपस्थिति में होगा।