सुंजवां आतंकी हमला : सुंजवां आतंकी हमले में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया। हमले में दो जवान शहीद, 9 घायल। 26 घंटे बाद भी आतंकियों को मार गिराने के लिए ऑपरेशन जारी।

जम्मू । जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप आतंकी हमले में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है, जबकि दो जवान शहीद हो गए हैं। आतंकियों को मार गिराने के लिए शनिवार सुबह शुरू हुआ सेना का ऑपरेशन अब भी जारी है। सुंजवां आर्मी कैंप में एक से दो और आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।  जम्मू-कश्मीर में सुंजवां आर्मी कैंप को आतंकियों ने निशाना बनाया है। शनिवार सुबह पांच बजे करीब शुरू हुए इस आतंकी हमले में अबतक दो जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 9 के घायल होने की खबर है। इनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमले में सेना के जवान की बेटी भी घायल हो गई है। इस बीच आर्मी चीफ बिपिन रावत जम्मू पहुंचे हैं। उन्हेंं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया है।

आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद 

जानकारी के मुताबिक आतंकियों के पास एके-56 राइफल और भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। आतंकियों के कब्‍जे में कोई बंधक नहीं है। कुल 26 में से 19 फ्लैट खाली करा लिए गए हैं। सेना कैंप के अंदर मौजूद आतंकियों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन तेज हो गया है। QRT की चार टीमों को आर्मी कैंप के अंदर भेजा गया है। ऑपरेशन के लिए पैरा कमांडो को भी तैनात कर दिया गया है। आइएएफ के पैरा कमांडो को उधमपुर और सरसाव से जम्मू बुलाया गया था। गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है। इस बीच आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

डिफेंस पीआरओ ने बताया कि जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। ये ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी आतंकी मारे या पकड़े नहीं जाते। उन्‍होंने बताया कि अब तक 3  आतंकी ढेर किए जा चुके हैं। इनके पास से एके56 राइफल और भारी मात्रा में अन्‍य हथियार बरामद हुए हैं। इससे लगता है कि आतंकी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए आए थे।

हमले का मास्टरमाइंड है मसूद अजहर का भाई

सुंजवां आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रउफ असगर है। रउफ मौलाना जैश-ए-मोहम्मद का चीफ आतंकी मसूद अजहर का भाई है। फरवरी के पहले हफ्ते में रउफ ने भाई मौलाना मसूद अजहर के साथ हिजबुल के चीफ सैयद सलाउद्दीन से मिला था और 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी के दिन दोनों ने हमले को अंजाम देने के लिए मदद मांगी थी।

सीएम महबूबा ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक कर आतंकी हमले से उत्पन्न हुए हालात की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मुठभेड़ में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी वीरता की प्रशंसा की और शोक संतप्त परिवारों के साथ सहानुभूति जताई। उन्होंने घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों को उन्हें सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री को मौके पर चल रहे ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने राज्य और सीमाओं के साथ समग्र सुरक्षा की स्थिति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाकर राज्य में सतर्कता बनाए रखने को कहा। उन्होंने महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, बस अड्डों और अन्य भीड़ भरे स्थानों पर सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा कि राज्य में विकास की गति को पटरी पर से नीचे उतारने के लिए शांति के दुश्मनों ने इसे अंजाम दिया। वहीं राज्यपाल एनएन वोहरा ने जम्मू में सेना शिविर पर फिदायीन हमले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा, ‘यह निंदनीय हरकत है। ये हमला पाकिस्तान की कायरता को दर्शाता है जो सीधे तौर पर भारत का सामना नहीं कर सकता और मासूम नागरिकों पर हमला करने के लिए अपने लोगों (आतंकियों) को भेजता है। आर्मी कैंप के अंदर सेना के परिवार के क्वार्टर हैं, इसलिए सेना क्षेत्र को घेरने में सावधानी बरत रही है।’

सेना कैंप पर आतंकी हमला 

जम्मू- कश्मीर में आतंकियों ने सेना के कैंप को निशाना बनाया है। हमले में तीन जवानों के घायल होने की खबर है। सेना कैंप पर आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कैंप के अंदर से गोलियां चलने की आवाज सुनी गई, जिसके बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई।

सुबह पांच बजे करीब शुरू हुई फायरिंग 

यह हमला सुंजवां आर्मी कैंप पर किया गया। आतंकियों ने सुबह 4:55 बजे अंधेरे का फायदा उठाते हुए सेना के कैंप पर फायरिंग शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक यह हमला कैंप के फैमिली क्वॉर्टर्स पर किया गया।

पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी, हेलीकॉप्टर से हो रही निगरानी

बता दें कि सुंजवां आर्मी कैंप में सेना के जवानों के हजारों क्वॉटर्स हैं। इसमें करीब तीन हजार जवान रहते हैं। यह जम्मू शहर में ही है। बताया जा रहा है कि कैंप के पीछे की दीवार से कूदकर आतंकी अंदर दाखिल हुए। आतंकियों ने गार्ड्स के बंकर पर सबसे पहले फायरिंग शुरू की। आतंकी अभी भी कैंप के अंदर मौजूद हैं। रुक-रुककर अंदर से फायरिंग की आवाजें आ रही हैं। हमले में एक जवान की बेटी भी घायल हो गई है। वहीं, सेना शिविर के 500 मीटर के आसपास के सभी स्कूलों को जिला प्रशासन द्वारा बंद रहने निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि साल 2006 में भी आतंकवादियों ने इसी सेना के स्टेशन पर हमला किया था। उस हमले में 12 जवान शहीद हो गए थे और सात अन्य घायल हो गए थे। वहीं दो आत्मघाती आतंकी भी माए गए थे।

हमले पर गृह मंत्रालय की नजर 

हमले पर गृहमंत्रालय नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां गृह मंत्रालय के संपर्क में है। खुफियां एजेंसियों ने हमले ही आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी कर रखा था। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे जवान देश के लोगों को मस्तक झुकने नहीं देंगे।

सुंजवां हमले पर एनसी प्रमुख फारुख अब्दुल्ला ने कहा, ‘ऐसी कोई दिन नहीं गुजरता है जब ऐसी घटनाए या आतंकी हमला न हो। ये सभी आतंकी पाकिस्तान ने दाखिल आते हैं। अगर पाकिस्तान भारत से अच्छे संबंध चाहता है तो उसे आतंकवाद बंद करना होगा। शांति कायम रखने के लिए पाकिस्तान को अपना रूख बदलना होगा और आतंकवाद बंद करना होगा, यदि पाकिस्तान नहीं माना तो बुरा नतीजा होगा और जंग हो जाएगी।’

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पाकिस्तान के खिलाफ लगे नारे

आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा सड़क से लेकर विधानसभा में भी देखने को मिला। जहां जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अंदर शनिवार को भाजपा के विधायकों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। विधायकों ने खड़े होकर पाकिस्तान की कायराना हरकत के खिलाफ आवाज बुलंद की। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने बताया, ‘विधानसभा में जम्मू के आसपास रहने वाले बांग्लादेशियों और रोहिंग्या का मुद्दा उठा गया। जम्मू में रोहिंग्या शरणार्थियों की तादाद बढ़ती जा रही है। अगर उन्हें नहीं रोका गया तो वे आतंकी संगठन की तरह काम करने लगेंगे। हो सकता है कि वे आतंकियों को पनाह दें। वे आतंकियों से संपर्क भी कर सकते हैं।’

हमले में रोहिंग्या मुसलमानों का इस्तेमाल संभव

विधानसभा स्पीकर कविंद्र गुप्ता का कहना है कि हमले में रोहिंग्या मुसलमानों का इस्तेमाल हो सकता है। रोहिंग्या शरणार्थी आर्मी कैंप के नजदीक रहते हैं, ऐसे में संभव है कि उनका इस्तेमाल हुआ हो। बता दें कि भारत में रोहिंग्या मुसलमान गैर-कानूनी तरीके से घुसे हैं। बीतें दिनों रोहिंग्या शरणार्थी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया भी गया।

 

गौरतलब है कि संसद आतंकी हमले के आरोपी अफजल गुरू की 9 फरवरी को बरसी थी। वहीं 11 फरवरी को जेकेएलएफ के आतंकी मकबूल बट्ट की बरसी भी है। इसी के कारण पहले से ही 9 से 11 फरवरी तक के बीच रेड अलर्ट जारी किया गया था।

बता दें कि पाकिस्तान की ओर से लगातार आजकल सीमा पर उकसाने वाली कार्रवाई की जा रही है। सीमा पार से सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसके चलते पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।