दिग्विजय सिंह :दिग्विजय सिंह

भोपाल
‘नर्मदा परिक्रमा’ यात्रा के दौरान जुट रही भीड़ के मद्देनजर लग रही राजनीतिक अटकलों पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपना पक्ष साफ किया है। उन्होंने कहा है, ‘न मुझे चुनाव लड़ना है और न चीफ मिनिस्टर बनना है। विधानसभा चुनाव में किसी को टिकट मिले या कोई चुनाव लड़े। मुझे इससे कोई लेना-देना नहीं है।’

दिग्विजय के मुताबिक उनका एकमात्र उद्देश्य है मध्यप्र देश में कांग्रेस की सरकार बनवाना। नर्मदा परिक्रमा पर निकले दिग्विजय को 118 दिन हो चुके हैं। इस दौरान कांग्रेस के कई बड़े नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, साधु-संत और प्रमुख लोग उनके साथ पैदल चले हैं।

यात्रा को व्यापक जनसमर्थन
मध्य प्रदेश के तटीय जिलों में दिग्विजय की यात्रा को व्यापक जनसमर्थन मिला है। यात्रा के दौरान जब वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गांव जैत पहुंचे तो खुद शिवराज के भाई नरेन्द्र ने दिग्विजय का स्वागत किया। जैत में जब मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर कर सवाल पूछे तो उन्होंने बिना लाग-लपेट के अपनी बात कही। परिक्रमा में राजनीति के जुड़ने के सवाल पर उन्होंने पलट कर सवाल किया कि क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति धार्मिक नहीं हो सकता?

उन्होंने कहा कि मार्च में परिक्रमा खत्म होने के बाद अप्रैल में मैं प्रदेश में एकता यात्रा पर निकलूंगा और प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आपसी मनमुटाव दूर कराऊंगा। इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस को प्रदेश में सत्ता में वापस लाना होगा। दिग्विजय यह कहना भी नहीं भूले कि इस बारे में वह पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से बात करेंगे। दिग्विजय के इस बयान से फिलहाल उन अटकलों पर रोक लगेगी जो इस यात्रा के साथ ही शुरू हुई थीं।

2003 में विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिग्विजय ने 10 साल तक चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था और वह उसपर कायम भी रहे। अभी वह राज्यसभा सदस्य हैं। पार्टी में उनके विरोधी लगातार उनकी यात्रा के मन्तव्य पर सवाल उठा रहे थे और अब पहली बार उन्होंने सबको जबाव दिया है।