लाजपत नगर स्थित अमर कॉलोनी कपड़ा मार्केट में दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी सीलिंग की कार्रवाई की गई है. यहां करीब 700 में से साढ़े पांच सौ से ज्यादा दुकानों को सील कर दिया गया और जो दुकानें बची हैं, उन पर भी सीलिंग की तलवार लटक रही है. वहीं प्यापारियों से मिलने पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कारोबारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा.

ऐसा पहली बार हुआ है जब दिल्ली का एक बाजार पूरी तरह से सील कर दिया गया हो. सीलिंग के दौरान दुकानदारों और पुलिस बल के बीच जबरदस्त झड़प हुई. दुकानदारों और कामगारों के विरोध को देखते हुए पुलिस बल का प्रयोग करना पड़ा जिसमें कई दुकानदारों को गंभीर चोटें भी आई हैं. इस झड़प में महिलाओं को भी पीटा गया जिससे व्यपारियों का गुस्सा और भी बढ़ गया है.

आक्रोशित व्यापारियों को शांत करने के लिए अब राजनीतिक पार्टियों ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. झड़प के दूसरे दिन दिल्ली के मुख्यमंत्री  केजरीवाल दुकानदारों से मिलने अमर कॉलोनी मार्केट पहुंचे, जहां उन्हें उनके गुस्से का सामना करना पड़ा. व्यापारियों को मुख्यमंत्री के आश्वासन काफी नहीं लगे और उन्होंने अपनी दुकानों को जल्द खुलवाने की मांग की. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की बात कही और साथ ही ये भी कहा कि अगर सीलिंग नहीं रुकती है तो वह 31 मार्च से खुद धरने पर बैठ जाएंगे.

इलाके के कांग्रेसी पार्षद अभिषेक दत्त ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए जिसके जवाब में वह ज्यादा कुछ नहीं बोले और व्यपारियों को आश्वासन देकर चले गए. मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय जी का कहना है, ये सीलिंग पूरी तरह नाजायज़ है. और मुख्यमंत्री से हमें अब कोई उम्मीद नहीं है. हमें सभी दुकानें वापस चाहिए और इसके लिए हम हर लड़ाई के लिए तैयार हैं.

व्यापारियों से मिलने पहुंचे मनोज तिवारी

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी शुक्रवार को अमर कॉलोनी मार्केट में हुई सीलिंग के दौरान पुलिस झड़प में घायल व्यापारियों से मिलने अस्पताल पहुंचे. उन्होंने इस मौके पर ‘आजतक’ से कहा, ‘ये जो भी हुआ वह ठीक नहीं है. मैंने पुलिस से भी बात की है. इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि पीटने वाले व्यापारियों की मंशा ठीक नही थी.’

मुख्यमंत्री केजरीवाल के अमर कॉलोनी पहुंचने पर मनोज तिवारी ने कहा, ये जो भी हो रहा है, उसकी जिम्मेदारी ले कर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. तीन सालों में अरविंद जी को व्यापारियों की समस्याओं को हल कर देना चाहिए था, वह सिवाय राजनीति के और कुछ नहीं कर रहे.’

सीलिंग के मुद्दे पर उनका कहना है कि मंगलवार तक वह कोर्ट में एक ठोस एफिडेविट पेश करेंगे जिससे मास्टरप्लान में संशोधन की जरूरत को कोर्ट के समक्ष रख सके. और इस मुद्दे का जल्द हल निकालेंगे.