शिकायत में याचिकाकर्ता ने लिखा, ‘जनवरी में मैंने हार्दिक पांड्या के कमेंट के बारे में सुना। ये आंबेडकर जैसे व्यक्ति के लिए बहुत अपमानित था। यह नफरत फैलाने और समाज को विभाजित करने की कोशिश थी।’

हार्दिक पांड्या

भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के खिलाफ कथित तौर पर विवादित ट्वीट करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। बुधवार (21 मार्च, 2018) को यहां एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने भीमराव आंडेबकर को लेकर ट्वीट करने पर पुलिस को पांड्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दरअसल एक याचिकाकर्ता डीआर मेघवाल ने पिछले साल 26 दिंसबर में एक कमेंट अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था। इस कमेंट में आंबेडकर को अपमानित और उनके समुदाय को लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाई गई। ये कमेंट पांड्या द्वारा किया गया था। इसमें लिखा था। कौन आंबेडकर? जो एक क्रॉस लॉ (कानून) का मसौदा तैयार करते हैं। या उस रोग को फैलाते है जिसे भारत में आरक्षण कहते हैं।

हार्दिक पांड्या के इस ट्वीट के बाद मेघवाल, जिनका दावा है कि वो राजस्थान में राष्ट्रीय भीम सेना के सदस्य हैं, ने बीते मंगलवार को उनके खिलाफ याचिका दाखिल की। याचिका में मेघवाल ने कहा कि हार्दिक पांड्या जैसे मशहूर क्रिकेटर ना सिर्फ उनके समुदाय का अपमान करने की कोशिश की बल्कि संविधान का भी अपमान किया।

शिकायत में याचिकाकर्ता ने लिखा, ‘जनवरी में मैंने हार्दिक पांड्या के कमेंट के बारे में सुना। ये आंबेडकर जैसे व्यक्ति के लिए बहुत अपमानित था। यह नफरत फैलाने और समाज को विभाजित करने की कोशिश थी।’ वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पांड्या ने गंभीर अपराध किया है। उन्होंने आंबेडकर के पूरे समुदाय को दुख पहुंचाया है। इसके लिए पांड्या को उनके अपराध के लिए प्रर्याप्त सजा होनी चाहिए।