राहुल ने भाजपा पर मोदी ऐप का इस्तेमाल करने वालों का डेटा अमेरिकी कंपनियों को दिए जाने का आरोप लगाया था।

विदआइएनसी ऐपविदआइएनसी

नई दिल्ली. डेटा लीक के आरोपों पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस ने सोमवार को अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप ‘विदआइएनसी’ को गूगल प्ले स्टोर से हटा लिया। भाजपा आईटी हेड सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की मेंबरशिप वेबसाइट बंद हो गई है। ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। बदलाव का मैसेज आ रहा है। हम पूछते हैं कि कांग्रेस पार्टी क्या छिपाने की कोशिश कर रही है?” इसके कुछ घंटे बाद ही कांग्रेस ने कहा कि ऐप का इस्तेमाल सिर्फ ‘सोशल मीडिया अपडेट’ के लिए किया जा रहा था। गलत यूआरएल चलने और इससे लोगों के गुमराह होने की वजह से इसे हटाना पड़ा। दरअसल, यह विवाद रविवार से शुरू हुआ। जब राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी के ‘नमो ऐप’ का डेटा एक अमेरिकी कंपनी के पास जाने की बात कही थी। इसके बाद, भाजपा ने कांग्रेस के ऐप को लेकर सवाल उठाए।

6 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला:

1) किसने भाजपा और कांग्रेस के ऐप पर सवाल उठाए?

– फ्रांस के सिक्युरिटी रिसर्चर इलियट एल्डसरन ने सबसे पहले पहले नरेंद्र मोदी के ‘नमो ऐप’ और फिर कांग्रेस की वेबसाइट और ऐप से डेटा चोरी होने की बात कही थी।

– 23 मार्च: एल्डरसन ने ट्वीट में लिखा, “जब आप @narendramodi ऐप पर अपना प्रोफाइल बनाते हैं तो आपकी डिवाइस से जुड़ी जानकारियां मसलन नेटवर्क टाइप, कैरियर और पर्सनल डेटा (ईमेल, फोटो, जेंडर, नाम) आपकी मंजूरी के बिना थर्ड पार्टी डोमेन (in.wzrkt.com) को भेजे जा रहे हैं।”

– 25 मार्च: एल्डरसन ने ट्वीट किया, “कांग्रेस के ऐप को लेकर कल (सोमवार को) कुछ रोचक खुलासे करूंगा।”

-26 मार्च: क्या कांग्रेस ने मेरे ट्वीट के पहले ही अपना ऐप डिलीट कर दिया था?

2) सबसे पहले, राहुल ने नमो ऐप को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

– 25 मार्च को राहुल गांधी ने ट्वीट में कहा- “हाय। मैं नरेंद्र मोदी। मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं। जब आप मेरे ऑफिशियल ऐप के लिए साइन अप करते हैं, तब मैं आपका पूरा डेटा अमेरिका की मेरी मित्र कंपनियों को दे देता हूं।”

– 26 मार्च को राहुल गांधी ने 2 ट्वीट किए। एक में लिखा, “नमो एेप से आपके और आपके फ्रेंड की ऑडियो, वीडियो और कॉन्टेक्ट को गोपनीय तरह से रिकॉर्ड किया जा रहा है। इतना ही नहीं, जीपीएस से आपकी लोकेशन भी ट्रेक की जा रही है। मोदी बिग बॉस की तरह भारतीयों की जासूसी कर रहे हैं। अब वे हमारे बच्चों का डेटा चाहते हैं। 13 लाख एनसीसी कैडेट को भी इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए फोर्स किया जा रहा है।”

– दूसरे ट्वीट में राहुल कहते हैं, “मोदी पीएम पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे नमो ऐप के जरिए लाखों भारतीयों का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। सरकार इसे प्रमोट कर रही है। अगर प्रधानमंत्री तकनीक का इस्तेमाल कर भारत के लोगों से बात करना चाहते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। लेकिन इसके लिए उन्हें आधिकारिक पीएमओ ऐप बनाना चाहिए। ये डेटा भारत का है, मोदी का नहीं।”

3) फिर बीजेपी ने कांग्रेस को उसी के अंदाज में जवाब दिया

– 26 मार्च को भाजपा के नेशनल आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, “हाय, मेरा नाम राहुल गांधी है, मैं देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष हूं। जब आप हमारा ऐप इस्तेमाल करते हैं, मैं आपका डेटा सिंगापुर में अपने दोस्त को दे देता हूं।”

4) कांग्रेस का ऐप बंद होने पर बीजेपी का सवाल

– 26 मार्च को ही अमित मालवीय ने कहा, “कांग्रेस की मेंबरशिप वेबसाइट बंद हो गई है। मैसेज आ रहा है कि वेबसाइट में कुछ काम चल रहा है। कुछ समय बाद आप फिर से एक्सेस कर सकेंगे। राहुल गांधी लोगों से नमो एेप डिलीट करने के लिए कह रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने खुद ही अपनी ऐप प्ले स्टोर से डिलीट कर दी। कांग्रेस पार्टी क्या छिपाने की कोशिश कर रही है?”

– केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- “छोटा भीम’ तक को पता है कि ऐप पर आमतौर पर परमिशन लिए जाने का मतलब यह नहीं होता है कि जासूसी की जा रही है। अब जब हम टेक्नोलॉजी की बात कर रहे हैं, तो राहुल गांधी जी क्या आप इस बात का जवाब देंगे कि कांग्रेस अपने डाटा सिंगापुर सर्वर को क्यों भेजती है, जिसे टाम, डिक और एनालिटिका समेत कोई भी ले सकता है।”

5)कांग्रेस ने ऐप डिलीट करने पर दी सफाई

कांग्रेस ने अपने ट्विटर हेंड्ल पर कहा- ऐप का इस्तेमाल सिर्फ सदस्यता के लिए किया जा रहा था और करीब पांच महीने से यह इस्तेमाल में नहीं किया जा रहा था। पार्टी का कहना है कि 16 नवंबर 2017 को सदस्यता सीधे पार्टी के आधिकारिक वेबसाइट से ली जा रही है और तब से इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

– अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- “कांग्रेस सीधे मेंबरशिप चाहती है। ना कि मिस्ड कॉल के जरिए। इसके सिर्फ 15,000 डाउनलोड थे। हमारे मेंबर इसे चलाना नहीं चाहते थे।”

– यह पूछने पर कि कांग्रेस ने अपना मोबाइल ऐप क्यों हटाया है, उन्होंने कहा कि इसका बहुत उपयोग नहीं हो रहा था, क्योंकि जिस मकसद से इसे तैयार किया गया था वह कांग्रेस की वेबसाइट से पूरा हो रहा था।

– कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड दिव्या स्पंदना (राम्या) ने ट्वीट किया, “शेयरिंग को भूल जाएं। हम ऐप के जरिए कोई डेटा स्वीकार नहीं कर रहे। अमित मालवीय क्या मूर्खता कर रहे हैं?”

6) क्या है मामला?

– राहुल गांधी ने रविवार को एल्डसरन के हवाले से कहा था कि नरेंद्र मोदी ऐप पर लॉगइन करने वालों की जानकारी बगैर उनकी मंजूरी के ‘क्लेवर टैप’ नाम की अमेरिकी कंपनी को भेजी जा रही हैं।

– कांग्रेस इस ऐप को डिलीट करने के लिए सोशल मीडिया पर #DeleteNaMoApp अभियान भी चला रही है। राहुल ने अपने ट्वीट के साथ एक अंग्रेजी वेबसाइट की खबर भी शेयर की थी।