सीबीएसई ने पेपर लीक मामले में शुक्रवार को परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान कर दिया है. 12वीं के अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा 25 अप्रैल को आयोजित की जाएगी. 10वीं की परीक्षा को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि 12वीं क्लास की अर्थशास्त्र की परीक्षा देशभर में आयोजित की जाएगी. जबकि 10वीं क्लास की गणित की परीक्षा जुलाई में हो सकती है.

दूसरी ओर, सीबीएसई चेयरमैन ने 10वीं की गणित परीक्षा के फिर से कराए जाने की संभावना पर कहा कि इस क्लास के रिजल्ट की घोषणा में देरी नहीं होगी. 6 में से 5 विषयों में पास होने वाले छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा में भाग लेते हैं. कंपार्टमेंट पेपर अमूमन जुलाई में ही कराए जाते हैं. इन परिस्थितियों में ऐसे छात्रों को अगले क्लास में एडमिशन मिल जाता है.

शिक्षा सचिव स्वरूप ने कहा कि 10वीं की गणित की परीक्षा जुलाई में आयोजित कराई जा सकती है, जो सिर्फ दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा में होंगे. इस मामले में अगले 15 दिनों में फैसला लिया जाएगा. जरुरत पड़ने पर ही यह परीक्षा कराई जाएगी.

स्वरूप ने कहा कि पेपर लीक की समस्या का फौरी तौर पर कोई समाधान नहीं है. 10वीं की गणित परीक्षा को लेकर उन्होंने साफ किया कि चूंकि पेपर लीक का मामला दिल्ली और हरियाणा तक ही सीमित था, इसलिए इन्हीं जगहों पर ही फिर से परीक्षा कराई जा सकती है. अगर यह परीक्षा हुई तो जुलाई में की जाएगी.

देश के बाहर पेपर लीक मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत के बाहर पेपर लीक होने की कोई सूचना नहीं है, इसलिए बाहर फिर से परीक्षा कराने की कोई जरुरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि 3 सदस्यों की समिति आंतरिक जांच करेगी और अपने जांच में समिति ऐसी घटनाओं के लुपहोल तलाशेगी और ऐसी तकनीक तलाशेगी जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.

सीबीएसई पेपर लीक मामले में शुक्रवार को एनएसयूआई के सदस्यों ने दिल्ली में प्रदर्शन भी किया. बाद में एनएसयूआई और एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग जाकर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की थी. जावड़ेकर से मुलाकात के बाद एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा कि उन्होंने आश्वासन दिया है कि आज शाम तक नई तारीखों का ऐलान कर देंगे. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने भी यही बताया.

वहीं छात्रों ने जावड़ेकर के सामने यह भी मांग रखी कि दोबारा परीक्षा कराते वक्त छात्रों को यह छूट दी जाए कि जो छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते उन्हें बाकी विषयों में पाए गए नंबर के आधार पर औसत नंबर देकर पास किया जाए . गणित और अर्थशास्त्र की दोबारा परीक्षा होने की वजह से करीब 34 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं और सीबीएसई ने इस विषयों का फिर से परीक्षा कराने का ऐलान पहले ही कर चुकी है.

News Source – Aaj Tak