कॉमनवेल्थ गेम्स 2018कॉमनवेल्थ गेम्स 2018

ख़बर आई कि खेल गाँव के एक सफ़ाई कर्मचारी को भारतीय टीम के फ़्लैट के बाहर से एक बोतल में कुछ सिरिंजें मिली हैं.

ये सूचना प्राप्त होते ही कॉमनवेल्थ फ़ेडेरेशन के प्रमुख डेविड ग्रेवेनबर्ग ने पूरे मामले की जाँच के आदेश दे दिए. देर रात विक्रम सिसोदिया से फिर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया. हाँ उनके नंबर 2 अजय नारंग ने एक वक्तव्य जारी कर इस पूरे मामले का खंडन किया.

उन्होंने कहा कि उन्हें ही सबसे पहले इस सिरिंजों वाली बोतल के बारे में ख़बर मिली थी और उन्होंने ही राष्ट्रमंडल अधिकारियों तक बिना खोले वो बोतल पहुंचाई थी. भारतीय टीम का उस इस बोतल से कोई लेना-देना नहीं है.

खेल गाँव में प्रतिबंधित दवाओं के ख़िलाफ़ बहुत सख़्त नियम हैं. केवल उन खिलाड़ियों और अधिकारियों को ही खेल गाँव के अंदर सिरिंजें लाने की अनुमति है जो मधुमेह से पीड़ित हैं और इसके लिए उन्हें बाक़ायदा अनुमति लेनी पड़ती है. रियो ओलंपिक में भी भारतीय दल के ठिकाने के पास से इसी तरह की सिरिंजें बरामद हुई थीं.

इस पूरे प्रकरण में दो अलग-अलग कहानियाँ सामने आ रही हैं. पहली कहानी के अनुसार सफ़ाई कर्मचारी को सबसे पहले इसके बारे में पता चला जबकि बकौल नारंग उन्होंने ख़ुद सिरिंजों वाली बोतल अधिकारियों तक पहुंचाई. सच्चाई तो पूरी जाँच के बाद ही पता चलेगी, लेकिन इस सबसे खेल शुरू होने से पहले ही मुंह का मज़ा ज़रूर किरकिरा हो गया है.