(नीरज ओमप्रकाश श्रीवास्तव की रपट )ओंकारेश्वर ! श्री दिग्विजय सिंह दम्पत्ति द्वारा श्री नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा के समापन पर कन्याभोज में स्वयं परोसगारी की.इस महायात्रा ने श्री दिग्विजय सिंह की संकल्पशक्ति और दृढ. आध्यात्मिक पक्ष को उजागर किया है.एक सह्रदय हिन्दू के रूप में उनकी चेतना बहुत गहरी है.अपने धर्म के साधु-समाज ,रीतिरिवाज और परंपराओं का सदा से सम्मान उनकी रग-रग में बसा है. एक राजऋषि के रूप में प्रतिष्ठित दिग्विजय सिंह नें श्री नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा के संबंध में समाज को सोचने की एक नई दिशा दी है. राजऋषि के रूप में दिग्विजय सिंह..आध्यात्मिक गुरू दद्दा जी के सानिध्य में.

दद्दा जी ने दिग्विजय सिंह के दोनों गालों को दबाकर दुलार किया और इस महासंकल्प की पूर्ति पर उनकी प्रशंसा की.श्री देवप्रभाकर दद्दाजी एक ऐसे सह्रदय संत हैं जिनकी सादगी सूर्य रश्मियों की भांति समूचे धर्मजगत में आलोकित है.आध्यात्मिक गुरू दद्दा जी बहुत स्नेही हैं वे अपने सभी शिष्यों से बहुत गहरा और स्नेहसंबंध रखते हैं. इस परिक्रमा के अंतिम आयोजन में वे दिग्विजय सिंह के प्रति इतने स्नेही हुए कि रोक न सके और दोनों हाथों से उन्हें दुलार कर अपना स्नेह व्यक्त किया.नर्मदा यात्रा के समापन अवसर पर श्री रामेश्वर नीखरा. अस्सी बरस के पेटे में चल रहे श्री नीखरा ने इस समूची पैदल यात्रा को पूरा कर स्वयं के जीवन का आध्यात्मिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. श्री नीखरा को जैसे पुर्नजीवन मिल गया है. नीखरा जी बहुत विद्वान हैं, श्री दिग्विजय सिंह के साथ लगातार पदयात्रा के दौरान उन्होंने बहुत सारी  मीठी यादों को अपनी स्मृतियों में कैद कर लिया है. श्री नीखरा के अनुसार  ” राजा ने श्री नर्मदा यात्रा के प्रति  एक नया दृष्टिकोण समाज को दिया है. हमें अपनी नदियों पहाडो. और पृकृति प्रदत्त संसाधनों के प्रति यही मातृभाव रखना है.”

  जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य गुरुदेव पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी महाराज के सानिध्य में आज बरमान खुर्द में विधिवत रूप से पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद माननीय श्री दिग्विजय सिंह जी की पैदल नर्मदा परिक्रमा का समापन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

Digvijaya completes Narmada Parikrama, Kamal Nath ‘salutes’ him

BARMAN : AICC general secretary and former chief minister Digvijay Singh completed his 3,300 km Narmada Paratroop at Barman ghat in Narsinghpur district on Monday. Singh had started the six-month long circumambulation of the holy river on September 30 (Dussehra) with his wife Amrita Rai from the Barman ghat. On the final day of his Padyatra, the Congress leader was joined by former Union minister Kamalnath , Rajya Sabha MP Vivek Tankha, former Union minister Suresh Pachauri and PCC chief Arun Yadav.

“I thank everyone who supported the  Narmada Parikrima ” Digvijaya said. The concluding function turned-out to be Singh’s show of strength with not only state Congress leaders but also several sadhus and sants present on the dais including Dwarka Peeth Shankaracharya Swaroopanand Saraswati. Digvijaya Singh has always been a follower of the Dwarka Shankaracharya and on Monday the religious leader supported the Congress leader by firing a salvo at BJP chief minister Shivraj Singh Chouhan. Addressing the crowd of Congress workers and Digvijaya Singh’s supporters at the concluding function, Swaroopanand Saraswati said, “One chief minister did the Narmada Parikrama in a helicopter. In his regime, the Narmada has dried. Anyone going for a dip in the Narmada today will end-up breaking his bones.” Chief minister Shivraj Singh Chouhan’s Narmada Yatra was from December 11, 2016 to May 15, 2017. Digvijaya Singh had announced his Narmada Padyatra touching 110 assembly constituencies of the state after the conclusion of the BJP’s Narmada Yatra. Former Union minister and senior Congress leader Kamal Nath described Digvijaya Singh’s spiritual walk as, “Kathin Tapasya wali Narmada Parikrama (Narmada circumambulation of arduous austerity)”. Speaking from the dais, Kamal Nath said, “As I was coming to join Digvijaya Singh’s Narmada circumambulation of arduous austerity, my eyes kept searching for the six crore saplings planted by the state government during its Narmada Yatra. I salute Digvijaya Singh for he has not just set an example for the party but indeed, he is our icon and pride.” Speaking to reporters, Digvijaya Singh spoke on the ongoing caste war and protests over Supreme Court’s recent order on the SC/ST (Prevention of Atrocities) Act. The Congress leader said, “It is an issue which the Court and the government have to resolve after a lot of reflection and understanding.” Regarding projection of a leader by the Congress party before assembly elections in the state, Singh said, “The high-command decides on the face of the party and will do so.” :छोटे राजा के नाम से विख्यात लक्ष्मण सिंह अनेक बार सांसद एवं विधायक रहे है. श्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं लेकिन वे हमेशा बिना किसी दिखावे के चुपचाप हर बडे.-छोटे कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते है. चित्र में कांतिलाल भूरिया उनके साथ दिखाई दे रहे है.

Amrita Rai was asked if she is likely to follow the footsteps of Digvijaya Singh into politics. She said, “I will answer this question when the time is right.”

(news content in english  from -TOI )
सभी चित्रों का छायांकन- प्रतापसिंह राधौगढ.