संघप्रमुख मोहन भागवत की लताड. से, कान लाल हो गये शिवराज सिंह चौहान के…..

( नीरजओमप्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट )

नागपुर ! एक बार फिर से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संघ मुख्यालय में पहुंचकर सफाई देनी पडी. सरसंघसंचालक मोहन भागवत के बुलाबे पर देर शाम भागे-भागे नागपुर पहुँचे शिवराज सिंह एयरपोर्ट से से सीधे संघ मुख्यालय पहुंचे. सांय सात बजे से पौने आठ बजे तक सरसंघसंचालक नें शिवराज सिंह चौहान की जो क्लास ली है उस दौरान सन्नाटा छा गया. वे डेढ घंटा संघ मुख्यालय में रूके. सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री इस दौरान केवल सुनते रहे और राज्य की व्यवस्था ठीक करने की बात कहते रहे. बताया जाता है कि आमतौर पर शांत दिखाई देने वाले मोहन भागवत के तीखे तेवरों और लताड. भरी मीटिंग के बाद बाहर निकले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कान लाल हो गये. इस मौके पर सरकार्यवाहक भैय्या जी जोशी नें भी मध्यप्रदेश को लेकर अपना असंतोष जाहिर किया.

नागपुर पहुंचे शिवराज बिना किसी अन्य बिलंब के सीधे संघ मुख्यालय पहुंचे. सूत्रों के अनुसार लगभग 45 मिनट तक संघ प्रमुख भागवत नें शिवराज सिंह चौहान को काफी खरी खोटी सुनाई. बताया जाता है कि सबसे प्रमुख मुद्दा शिवराज सरकार के प्रति विभिन्न वर्गों का बढता आक्रोश हे.संघ इस बात से कतई खुश नहीं है कि भाजपा और उसके शासित प्रदेशों में हिन्दुओं और दलितों में परस्पर वैमनस्य बढ.रहा है. मध्य प्रदेश में शिवराज की लगातार घटती हुई लोकप्रियता से संघ पूर्व से ही अवगत है और संभव हे कि स्थितियों में सुधार न होने पर कोई कडा. फैसला चुनाव के पूर्व ही ले. इसी तारतम्य में बीते दिनों कानून-व्यवस्था की स्थिति पर संघ की भृकुटियां शिवराज शासन पर तनी हुई हैं.शिवराज से पूछा गया कि आपके पास मध्यप्रदेश जीतने के लिये क्या योजना है.संघ कोई भी जोखिम उठाना नहीं चाहता है , इसलिये मंत्रिपरिषद और संगठन के कार्यकर्ताओं का तालमेल बढाने की हिदायतें दी गई हैं.कंप्यूटर बाबाओं को राज्यमंत्री बनाने , नर्मदा के घोटाले से लेकर भिंड की कानून व्यवस्था को लेकर शिवराज को हिदायतों का तगडा. डोज दिया गया.

संघप्रमुख ने हाल ही में संपन्न दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा के संबंध में विभिन्न मंचों से आ रही सकारात्मक खबरों पर बहुत गंभीरता से संज्ञान लिया हुआ है. दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की परस्पर युति और ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस के पक्ष में वातावरण बनाये जाने की खबरों के सापेक्ष भाजपा और उसके वरिष्ठ पदाधिकारियों को मिलकर कार्य करने की भी हिदायत भी शिवराज सिंह को दी गई है.प्रधानमंत्री मोदी की छवि और नये  सिरे से एकजुट हो रहे विपक्ष को लेकर सावधान रहकर राजनीतिक कदम उठाने को कहा गया है.

सूत्रों की माने तो संभव है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान की विदाई लगभग तय है और संभव है कि नरेन्द्र सिंह तोमर को मध्यप्रदेश भाजपा की कमान जल्द ही दे दी जाय. किसानों व कर्मचारियों के हितों का संवर्धन के अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं से समन्वय  की हिदायतों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को फिलहाल गंभीर चेतावनी दे दी गई है. शिवराज जैसे आये थे वैसे ही उल्टे पांव भोपाल लौट गये. संघ कार्यालय से वे रात्रि 8 बजकर 30 मिनट पर रवाना हो गये.

डा.मुरली मनोहर जोशी की भेंट तय

इधर पूर्व मानव संसाधन मंत्री डा.मुरली मनोहर जोशी भी सरसंघसंचालक डा.मोहन भागवत से मिलनें नागपुर पहुंच चुके हैं गुरूवार को देर शाम उनकी भी भागवत से भेंट होगी.

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