स्मार्ट मीटर

NDMC ने स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर लगाने का फैसला किया है। NDMC की तरफ से स्मार्ट मीटरों को लेकर शुरुआत भी हो चुकी है और आने वाले दिनों में सभी पुराने मीटरों को बदलकर नए मीटर लगा दिए जाएंगे।

EESL के साथ किए गए समझौते ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर 
शुक्रवार को एनडीएमसी ने कार्यान्वयन पद्धति, व्यापार मॉडल और परियोजना समयसीमा को अंतिम रूप देने के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। NDMC के अध्यक्ष नरेश कुमार और ईईएसएल के डायरेक्टर सौरभ कुमार ने भारत सरकार के ऊर्जा सचिव ए के भल्ला की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

लगेंगे 80,000 स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर

समझौते के साथ ही NDMC देश का पहला डिस्काम बन गया है जो अपने 100% मौजूदा पारंपरिक इलेक्ट्रिसिटी मीटरों को स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर के साथ बदल देगा। इन मीटरों की कुल संख्या 80,000 के लगभग बताई जा रही है जिन्हें 2 अक्टूबर 2018 तक बदल दिया जाएगा।

गुणवत्ता और लागत दोनों का रखा जाएगा ध्यान
इस मौके पर सौरभ कुमार ने कहा कि सभी स्मार्ट इलेक्ट्रिक मीटर आईएस 164444 भाग 1 (डायरेक्ट कनेक्टेड स्मार्ट मीटर), आईएस 164444 पार्ट 2 (ट्रांसफार्मर संचालित स्मार्ट मीटर) के अनुपालन के साथ-साथ सीईए की एएमआई कार्यात्मक आवश्यकताएं और एसएलए के जुर्माना प्रावधान के साथ सख्त साइबर सुरक्षा का अनुपालन करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि विक्रेताओं को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बिडिंग के माध्यम से चुना गया है, जो गुणवत्ता और लागत दोनों को सुनिश्चित करेंगे।

“प्रभावी साबित होंगे स्मार्ट मीटर”

समझौते के बारे में बताते हुए एनडीएमसी के चेयरमैन नरेश कुमार ने कहा कि स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर उपयोगकर्ताओं और परिषद दोनों के लिए प्रभावी साबित होंगे। उन्होंने बताया कि ये मीटर सटीक बिलिंग को सही ढंग से प्रबंधित करने और संचालन खर्च को कम करने में सहायक होंगे। कुमार ने बताया कि इससे वितरण नुकसान, उच्च परिचालन क्षमता, बेहतर मांग, साइड प्रबंधन, प्रभावी लोड/मांग पूर्वानुमान आदि में भी सुधार होगा।


लोगों को मिलेगी बेहतर जानकारी

नरेश कुमार ने आगे बताते हुए कहा कि ये स्मार्ट मीटर नागरिकों को खपत के पक्ष में बेहतर जानकारी से लैस करेगा जिससे ऊर्जा की बचत, बेहतर शिकायत प्रबंधन, अनुकूलित उपभोग पैटर्न के लिए जागरूकता और उपभोक्ताओं को पोस्टपेड बिलिंग की वर्तमान प्रणाली से प्री-पेड बिलिंग के लिए विकल्प उपलब्ध कराने का बेहतर विकल्प होगा। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं की संतुष्टि के स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।


बिजली चोरी रोकने के लिए कारगर कदम

नगरपालिका परिषद का ये कदम बिजली चोरी को रोकने की दिशा में एक कारगर कदम माना जा रहा है। परिषद के ही एक अधिकारी के मुताबिक, इन मीटरों से लोगों को सुविधा के साथ-साथ चोरों की नाक में नकेल कसने में भी आसानी रहेगी। चूंकि ये मीटर 3G सुविधाओं से लैस होंगे, किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकेगी।