सूरत में रेप

गुजरात के सूरत में 6 अप्रैल को जिस 11 साल की बच्ची की लाश मिली थी, पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है. पुलिस का ये अंदाजा सही निकला कि बच्ची गुजरात से बाहर की है, जिसके साथ क्राइम करके उसकी बॉडी को सूरत में फेंक दिया गया. इस बच्ची को 8 दिनों तक टॉर्चर किया गया था, उसका रेप किया गया और फिर मारकर फेंक दिया गया था.

17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे सूरत पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रेप की शिकार हुई वो बच्ची आंध्र प्रदेश की रहने वाली थी और पिछले साल अक्टूबर में गायब हो गई थी. पुलिस ने बच्ची के पेरेंट्स को सूरत बुला लिया है, जहां जल्द ही उनका DNA टेस्ट कराया जाएगा. बच्ची की पहचान के लिए पुलिस ने पहले ही उसका DNA सैंपल ले लिया था.

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क्या है पूरा मामला

गुजरात के सूरत के पंडेसरा इलाके में एक क्रिकेट ग्राउंड है. 6 अप्रैल की सुबह जब लोग इस मैदान के पास गुजरे, तो उन्हें एक बच्ची की लाश पड़ी दिखाई दी. उन्होंने पुलिस को खबर की और पुलिस ने बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दी. इसके 10 दिन बाद तक इस बच्ची के बारे में कोई खबर नहीं आई. इस बीच कठुआ का मामला सामने आया, जिससे सबका ध्यान उस तरफ चला गया. फिर 15 अप्रैल को सूरत पुलिस कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने लोगों को दहला दिया.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और कमिश्नर के बयान के मुताबिक इस बच्ची को करीब 8 दिनों तक बांधकर रखा गया, भयानक तरीके से टॉर्चर किया गया, उसका रेप किया गया और फिर गला दबाकर मार डाला गया. मारने के बाद उसकी लाश सूरत की सड़क पर फेंक दी गई. बच्ची के शरीर पर चोट के कुल 86 निशान मिले और प्राइवेट पार्ट्स के आसपास भी कई घाव थे. रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि उसकी वजाइना में डंडी डाली गई थी. अंदाजन उसकी उम्र 9 से 11 साल बताई जा रही है. ज़्यादातर चोटें लकड़ी के हथियार से आई हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमिश्नर सतीश शर्मा

बच्ची के अलावा पुलिस को क्या मिला

पुलिस ने बच्ची की तो पहचान कर ली है, लेकिन अपराधियों के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. बच्ची की पहचान के लिए पुलिस ने गुमशुदा बच्चों की लिस्ट भी खंगाली थी. जिस जगह बॉडी मिली थी, पुलिस ने उसके डेढ़ किमी के दायरे में आने वाले हर घर में सर्वे किया. हालांकि, वहां से किसी बच्ची के गुम होने की कोई खबर नहीं मिली थी.

इस बच्ची की पहचान के लिए पुलिस ने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से गायब हुए 8000 बच्चों का डेटा खंगाला था. इसी कवायद का नतीजा ये निकला कि बच्ची की पहचान मुमकिन हो सकी. पुलिस ने बच्ची या उसके परिवार की जानकारी देने वाले के लिए 20,000 रुपए का इनाम घोषित किया था और 12,000 पोस्टर भी बंटवाए थे.

पुलिस का छपवाया एक पोस्टर

पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने धारा 302, 323, 376 और पॉक्सो के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस के अंदाज़े के मुताबिक बच्ची के साथ इतना टॉर्चर और रेप किसी और जगह किया गया है, जिसके बाद बॉडी सूरत लाकर फेंक दी गई. लाश मिलने वाली जगह पर किसी स्ट्रगल के कोई निशान नहीं मिले हैं. बच्ची के फॉरेंसिक टेस्ट की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है, जिससे पता चलेगा कि उसे कोई ड्रग दिया गया था या नहीं.