पृथ्वी दिवसपृथ्वी दिवस

पृथ्वी दिवस पर गूगल ने डूडल बनाकर मशहूर जंतु वैज्ञानिक डॉ. जेन गुडाल का धरती को बचाने का संदेश दुनिया तक पहुंचाया। जानवरों पर रिसर्च करने में पूरी जिंदगी बिता देने वाली डॉ. जेन गुडॉल ने पूर्वी अफ्रीका के तंजानिया में 1960 से 1995 के बीच करीब 35 साल घने जंगलों में चिंपाजी के साथ बिताए। उन्होंने अपने शोध से चिंपाजियों और मनुष्यों के बीच तमाम संबंध स्थापित किए। बताया कि चिंपैंजी भी मनुष्यों की तरह एक साथ खेलना-खाना, लड़ना और कार्य करने में यकीन रखते हैं।

गूगल डूडल की ओर से तैयार वीडियो में डॉ. जेन गुडाल ने कुछ यूं संदेश दिया है,”हर एक जीव हर एक दिन धरती पर अपना प्रभाव डालता है।हमारे पास विकल्प है कि हम किस तरह का अंतर बनाने जा रहे हैं।पृथ्वी एक चमत्कार है और इसकी हिफाजत करना हमारा कर्तव्य।”

डॉ. जेन गुडाल का जन्म लंदन मे तीन अप्रैल 1934 को हुआ। फिर उन्होंने तंजानिया के गोम्ब स्ट्रीम नेशनल पार्क में अपना रिसर्च किया। मौजूदा वक्त वे रूट्स एंड शूट्स संस्था के जरिए दुनिया भर की शिक्षण संस्थाओं को पर्यावरण, पशु और जनजातियों के संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र की शांतिवाहक भी हैं।

बता दें कि 22 अप्रैल 1970 से दुनिया में अर्थ डे यानी पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। पहले आयोजन में करीब 20 लाख अमेरिकियों ने भाग लेकर पर्यावरण की सुरक्षा का संकल्प लिया था। धीरे-धीरे हर साल पृथ्वी दिवस दुनिया भर के देशों में आयोजित होने लगा। 1990 में 22 अप्रैल के दिन पूरी दुनिया में पुनः चक्रीकरण के प्रयासों की सराहना की गई। फिर रियो डी जेनेरियो में 1992 के यूएन पृथ्वी सम्मलेन का रास्ता खुला।
बता दें कि हर साल मनाए जाने वाले पृथ्वी दिवस (अर्थ डे) की शुरुआत एक अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने की थी। उन्होंने 1969 में सांता बारबरा, कैलिफोर्निया में तेल रिसाव की भारी बर्बादी देखी, तब जाकर धरती बचाने के लिए कोशिश करने का विचार उनके जेहन में आया।1990 से इसे अंतरराष्ट्रीय दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।